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Thursday, 8 February 2018

Nasheeli Bhabhi Ki Choot Chudai - Hindi Sex Story

हैलो दोस्तो, मेरा रजत है.. मेरा रंग सांवला और शरीर
पतला है।
मैंने आज से पहले Gandikahaniya पर बहुत
सी कहानियाँ पढ़ी हैं और आज मैं
अपनी पहली सच्ची
कहानी पोस्ट करने जा रहा हूँ।
बात कुछ दिन ही पुरानी है।
हमारा जो घर है उसके सामने आंटी किरण का घर है
जिनके 2 छोटे-छोटे बच्चे हैं।
एक लड़का जो अभी दूध पीता है, एक
आठ साल की लड़की है और
उनका पति एक किराना की दुकान चलाता है।
किरण आंटी के बारे में बता दूँ
कि आंटी की उम्र करीब
35 साल होगी.. पर अगर उनका शरीर
देखा जाए तो कोई भी यह नहीं कह
सकता कि आंटी की उम्र
इतनी हो सकती है।
उन्होंने अपने शरीर को बहुत
ही मेन्टेन किया हुआ था.. जिस्म का कटाव
भी 34-30-36 के साइज़ का होगा।
हम लोग जब से वहाँ रहने आए थे तब से उनका हमारे घर में
आना-जाना था।
उनके बड़े-बड़े मम्मों को तो मैं उस वक्त देख कर पागल
हो जाता था और मेरी आँखें उनके पूरे जिस्म
का एक्स-रे कर देती थीं।
उनकी अक्सर अपने पति से लड़ाई
होती रहती थी और मैं इस
लड़ाई को अपने लिए मौके के रूप में इस्तेमाल करना चाहता था।
मेरा पहला मकसद था कि उन्हें नंगी कैसे देखूँ।
इस मिशन के लिए मैंने उनके घर आना-जाना शुरू कर दिया।
मैं किसी न किसी बहाने से उनके घर
चला जाता कि शायद वो कभी कपड़े बदलते हुए मिल
जाएँ..
पर ऐसा न हुआ..
लेकिन मुझे एक काम की चीज
पता लगी कि उनके बाथरूम की छत
कच्ची है और वो बाथरूम की जगह
बाहर आँगन में नहाती हैं। मुझे मालूम
था कि उनका आँगन हमारे घर की सबसे ऊपर
वाली छत से साफ़ दिखता है।
बस एक दिन मैं मौका पाकर छत पर छुप गया और उनके नहाने
का इंतज़ार करने लगा।
मेरी तपस्या सफल भी हुई
क्योंकि थोड़ी देर बाद किरण भाभी वह
नहाने आ गईं।
उन्होंने एक-एक कर अपने सारे कपड़े उतारे।
मैंने उस दिन उन्हें सच में बिना कपड़ों के देखा।
वाह एकदम गोरा बदन.. स्लिम शरीर जैसे
कि आजकल 20-22 साल की लड़कियों के होते हैं।
बस उसी दिन मैंने फैसला कर लिया कि मैंने
भाभी की चूत
मारनी ही मारनी है.. चाहे
मुझे इसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े।
कितने दिन तक मुझे कोई रास्ता न मिला.. तभी मुझे
मेरे दोस्त ने नींद

की गोलियों का आइडिया दिया।
उसने बताया कि उसने भी इन गोलियों का इस्तेमाल
किया है। उसने मुझे 4 गोलियाँ दीं और सोने से पहले
सब्जी या चाय में मिला कर देने को कहा।
अब मैं सिर्फ मौका ढूंढ रहा था और वो मौका मुझे पिछले हफ्ते
ही मिला। उनके पति को अपनी दुकान के
लिए समान लेने दिल्ली जाना था तो वो जाते मेरे घर
को कह गए कि मुझे आज रात भाभी के घर सोने के
लिए भेज दें क्योंकि मैं उनके साथ घुल-मिल गया था।
शाम को जब मैं आया तो ये जान कर
मेरी तो लाटरी निकल गई।
बस शाम को खाना खा कर मैं 9 बजे तक उनके घर चला गया।
वहाँ जा कर देखा तो भाभी अपनी रोज
की ड्रेस में बैठी थीं।
उन्होंने नीले रंग का बहुत ही चुस्त
सलवार-कुरता पहना था, मैं तो उन्हें देख कर खुद
को बड़ी मुश्किल से कण्ट्रोल कर पा रहा था।
उन्होंने मुझे देख कर मुस्कुरा कर कहा- आ गए तुम..
तो मैंने कहा- हाँ जी..
मैंने देखा कि उन्होंने मेरा सोने का इंतज़ाम अपने कमरे के साथ
वाले कमरे में कर रखा था।
उन्होंने मुझे कमरा दिखाया तो मैं सोने के लिए जाने लगा।
तभी उन्होंने मुझे आवाज़ दी- रजत
जरा सुनना..
मैं वापस गया तो उन्होंने कहा- मुन्ने का दूध गरम करके
ला दोगे?
तो मैंने कहा- जी अभी ला देता हूँ।
मैं फटाफट रसोई में गया और एक बर्तन में दो गिलास दूध
भरा और उसमें 5-6 चम्मच चीनी डाल
दी।
जब वो गर्म हो गया तो उसे हल्का सा ठंडा करके रख दिया।
अब बारी थी मेरे मिशन की..
एक गिलास में मैंने वो पिसी हुई नींद
की गोलियाँ डाल दीं और ऊपर से उसमे
दूध डाल दिया और बचा हुआ दूध मैंने मुन्ने
की बोतल में डाल दिया।
मेरे हाथ में गिलास देख कर भाभी बोलीं-
तुम भी पियोगे??
तो मैंने मन ही मन सोचा कि हाँ भाभी..
पर ये नहीं.. तुम्हारा वाला पियूँगा…
मैंने हँसते हुए कहा- नहीं भाभी.. ये
आपके लिए है।
वो मना करने लगीं.. तो मैंने कहा-
पी लो भाभी.. आप सारा दिन काम
करती हो.. इससे
आपकी सारी थकान दूर
हो जाएगी।
यह सुन के वो हँसने लगीं और बोलीं-
काश मेरे वो भी मेरा ऐसे ही ख्याल
रखते।
मैंने कहा- डोंट वरी भाभी.. सब
ठीक हो जाएगा।
यह सुन कर उन्होंने वो गिलास ले लिया और गटागट
पी गईं।
अब मैं सोने चला गया और
भाभी भी लाइट बंद करके लेट गईं।
मैंने अपने कमरे में आकर
घड़ी देखी तो 10:30 हुए थे। मैंने 12
बजे का इन्तजार करने
लगा ताकि भाभी को नशा ठीक से हो जाए।
मैं इसमें कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था।
आखिर 12 भी बज गए मैं चुपचाप उठ कर
भाभी के कमरे के आगे पहुँचा और धीरे
से दरवाज़े पर जोर दिया तो देखा कि दरवाज़ा खुला था।
मैं धीरे से आया और कमरे की लाइट
जला दी।
सामने पलंग पर देखा कि भाभी बिल्कुल सावधान
की मुद्रा में लेटी हुई थीं।
मैं पहले ये पक्का कर
लेना चाहता था कि भाभी गहरी नींद
में सो गई हैं या नहीं.. इसलिए मैंने पहले
भाभी को जोर से हिलाया.. लेकिन भाभी में
कोई हरकत न हुई।
उसके बाद तो मैं भाभी पर टूट पड़ा। सबसे पहले
मैंने भाभी का कुरता ऊपर उठाया.. नीचे
भाभी ने काले रंग
की ब्रा पहनी हुई थी।
मैंने कुरता उतार कर एक तरफ कर दिया। अब मैंने
देखा कि उनके बड़े-बड़े मम्मे ब्रा में से बाहर निकले जा रहे थे।
मैंने उन्हें ब्रा के ऊपर से ही चूसना और
मसलना शुरू कर दिया।
मैंने खूब जोर-जोर से मम्मों को दबाया और चूसे जा रहा था। फिर
मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और खूब जोर-जोर से मम्मों को दबाने
लगा।
फिर मैंने अपना 6 इंच का लंड पैंट से बाहर निकाल कर उसके
बड़े-बड़े मम्मों में फंसा कर मम्मों की चुदाई करने
लगा।
माँ कसम इतना मज़ा आ रहा था कि बस ऐसा लग रहा था कि मैं
जन्नत में होऊँ।
फिर मैंने नीचे से सलवार और
कच्छी दोनों एक साथ नीचे उतार
दी।
हे ऊपर वाले.. मैं तो उसकी गुलाबी चूत
देख कर हैरान रह गया.. वहाँ थोड़े-थोड़े बाल तो थे.. पर देखने
में सुंदर लग रही थी।
मैंने अपनी जीभ कुछ देर के लिए
उनकी चूत पर रखी.. फिर
हटा ली।
अब बस मैं उन्हें चोदना चाहता था। लेकिन मैं कंडोम लाना भूल
गया था।
काफी देर तक सोचने के बाद मैंने सोच लिया कि आज
बिना कंडोम के ही चोद कर देखते हैं।
मैंने फटाफट उनकी दोनों टांगें अपने दोनों कन्धों पर
उठा लीं और अपने लंड
का टोपा उनकी चूत पर रख दिया। अब
क्योंकि वो तो नशे में थी.. सो मेरा आराम से करने
का तो कोई सवाल ही नहीं था तो मैंने जोर
का धक्का लगाया.. लेकिन मेरी खुद
की चीख निकल गई।
मेरी उम्मीद की उलट
उनकी चूत एकदम टाइट थी।
मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर देखा कि उसका टोपा छिल
सा गया था और हल्की-
हल्की ब्लीडिंग होने लगी।
पर मैंने हार नहीं मानी और फिर से
एक बार लंड से धक्का लगाया लेकिन धीरे-
धीरे.. अब लंड थोड़ा सा अन्दर चला गया।
चूत के अन्दर बहुत गर्मी थी।
ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लंड अभी अन्दर
ही फट जाएगा।
इतना दर्द मैंने कभी महसूस
नहीं किया था। वाकयी बहुत टाइट चूत
थी।
अब कुछ देर रुक कर मैंने धक्के लगाने शुरू किए।
मैंने चूत में लौड़े से धकापेल करने में स्लो-मोशन से शुरू करके
फ़ास्ट-स्पीड पकड़ ली और
दोनों हाथों से भाभी के मम्मों को पकड़ लिया।
अब भाभी की चूत कुछ
ढीली पड़ गई थी।
पूरे कमरे में ‘फच-फच’ की आवाज़ गूंज
रही थी।
मैं आनन्द के सागर में गोते लगता हुआ अपने दोस्त का मन
ही मन शुक्रिया कर रहा था।
मुझे धक्के लगाते हुए 20 मिनट हो गए थे।
मैं अपने शिखर पर पहुँच गया था..
मैंने एकदम से अपना लंड बाहर निकाल लिया और सारा माल
भाभी के पेट पर ही छोड़ दिया।
कुछ देर लेट कर मैं फिर उठा।
अब रात के 2 बज गए थे.. मैंने उठ कर
भाभी को साफ़ किया और उनके कपड़े पहना दिए
और सोने चला गया।
सुबह उठा तो देखा कि भाभी उठी हुई
थीं।
वो बोलीं- रात से मेरा सर चकरा रहा है.. मुझे एक
डिस्प्रिन की गोली ला कर देना।
मैंने मन ही मन रात की घटना याद
की और मुस्करा कर वहाँ से निकल गया।
तो दोस्तो, यह
थी मेरी कहानी..



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Monday, 15 January 2018

सेक्सी भाभी की प्यासी बहन | Sexy Bhabhi ki Pyasi behen

p>हैल्लो दोस्तों, में आप सभी का मित्र आकाश आज आप सभी सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालो को अपने जीवन के एक और सेक्स अनुभव को लेकर आपके सामने आया हूँ। दोस्तों में 21 साल का गठीले सुंदर गोरे बदन का लड़का हूँ और में सेक्स करने के लिए हमेशा तैयार रहता हूँ और मुझे कहीं भी सेक्स करने का मौका मिले में उस मौके को कभी भी खाली नहीं जाने देता। दोस्तों यह उन दिनों की बात है, जब मेरे बड़े भैया जो मेरे ताऊ जी के लड़के है उनकी शादी हुई और जब पहली बार मेरी भाभी हमारे घर आई तब में तो उनकी सुंदरता को देखकर पागल ही हो गया। दोस्तों मेरी भाभी इतनी सुंदर थी कि मेरा मन अब करने लगा कि आज अपने भैया की जगह में खुद ही उनके साथ सुहागरात मना लूँ, लेकिन यह सब मुमकिन नहीं था। सच में दोस्तों मेरी भाभी बहुत ही सेक्सी है और उसके बूब्स को अगर कोई एक बार देख ले तो वो पूरी दुनिया को भूलकर बस बूब्स को ही देखता रह जाएगा। दोस्तों मेरी भाभी के वो गोलमटोल आगे की तरफ बड़े हुए नोकदार बूब्स है, जिसको देखकर तो किसी नामर्द का भी लंड तुरंत बिजली के झटके के साथ खड़ा हो जाए और भाभी के वो सेक्सी बूब्स उनकी गोरी पतली सी कमर और 5.3 इंच की उनकी लम्बाई मेरी भाभी को और भी सेक्सी बम बना देती और वो दिखने में पूरी सेक्स की देवी की लगती है।
दोस्तों मेरी भाभी जब से हमारे घर आई थी तब से मेरे लंड का बड़ा बुरा हाल हो गया था और वो कभी भी सोया नहीं था और सारा दिन मेरा सात इंच का लंड हमेशा खड़ा रहने लगा था। अब मेरा सेक्स करने का बहुत मन करता था, में भाभी के सेक्सी गांड और बूब्स को देख देखकर मन ही मन मचलने लगा था। अब मेरा तो मन करता कि में अपनी भाभी को अभी पकड़कर उनकी चुदाई कर दूँ, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता था। फिर मैंने अपनी भाभी के पास जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे कोई भी ऐसा मौका नहीं मिला, जिसका में फायदा उठाकर यह काम पूरा करूं। फिर ऐसे ही दिन निकलने लगे थे, मेरे ताऊ जी का घर हमारे घर के बिल्कुल पास ही था और अपने उस सेक्स के सपने को अपने मन में दबाए हुए ही में अपने दिन बिता रहा था। एक दिन मेरे मन की बात भगवान ने सुन ली और में उस दिन अपने कॉलेज से जब वापस अपने घर लौटा तो मैंने देखा कि मेरे भैया के घर एक बहुत ही ज़्यादा सुंदर भाभी से भी सेक्सी कुंवारी लड़की को मैंने देखा। फिर उसको देखकर ही मेरा तो लंड और भी ज्यादा उतावला हो गया। फिर में जल्दी से अपने काम खत्म करके में पहुंच गया अपनी ताई जी के घर। मैंने देखा कि उस समय मेरी भाभी भैया और वो लड़की भी बैठी हुई थी।
फिर कुछ देर के बाद मुझे पता चला कि वो सुंदर लड़की मेरी भाभी की बहन है। दोस्तों में आप सभी को क्या बताऊँ? दोस्तों वो लड़की बहुत बहुत मेरी भाभी से भी कहीं ज़्यादा हॉट सेक्सी लड़की थी, उसके होंठ एकदम गुलाबी सुंदर गोरा गोल चेहरा और उसके बूब्स बड़े ही टाइट भाभी की तरह गोलमटोल थे और उस लड़की ने जो सूट पहन रखा था। उसके बड़े गले से उसके दोनों गोरे बूब्स के बीच वाली लाइन बाहर से भी साफ दिखाई दे रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी तो नज़रें ही बस उस जगह पर अटक गई उसने बिना बाहं वाला सूट पहना था, जिससे उसकी सेक्सी बाहें साफ नजर आ रही थी। दोस्तों यह सब देखकर मेरी हालत बहुत खराब थी और अपने आपको संभालते हुए में अब भाभी और भैया से बात करने लगा। फिर भाभी ने उस लड़की के साथ मेरा परिचय करवाया, तब मुझे पता चला कि उस लड़की का नाम सोनिया था। दोस्तों में बहुत देर तक वहीं पर बैठा उन सभी से बातें करता रहा और मैंने जानबूझ कर उस दिन अपनी ट्यूशन को भी छोड़ दिया था। अब सोनिया मुझसे बहुत खुलकर बातें करने लगी थी और फिर मुझे पता चला कि वो अपने कॉलेज के पेपर देकर आई थी। उसकी अब एक महीने की छुट्टियाँ थी इसलिए वो यहाँ पर अपनी बड़ी बहन के पास 15-20 दिनों के लिए रहने आई थी।
फिर मेरी मम्मी ने मुझे आवाज़ लगा दी और में सोनिया को मेरे घर आने के लिए कहकर अपने घर चला गया। दोस्तों उस रात को तो में सो ही नहीं पाया, क्योंकि आज में अपनी भाभी के बूब्स और सोनिया के बूब्स दोनों को बड़ी अच्छी तरह से देख चुका था और उन दोनों के ही बूब्स बड़े सेक्सी थे। फिर उस रात को मैंने सोनिया के नाम की चार बार मुठ मारी, लेकिन फिर भी मेरा पेट नहीं भरा था। अगले दिन में जानबूझ कर अपने कॉलेज नहीं गया, मैंने अपने बीमार होने का मम्मी को झूठा बहाना लगा दिया और फिर सुबह होते ही में पहुंच गया ताई जी के घर। उस समय 8:30 का टाइम था। अब मैंने देखा कि मेरे ताऊ जी बाहर बैठे अखबार पढ़ रहे थे और मेरे भैया अभी सोए हुए थे और भाभी पूजा कर रही थी, लेकिन मेरी नज़र अब सोनिया को हर जगह ढूंड रही थी। फिर में अपनी ताई जी के पास ही बैठा बातें कर रहा था और थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि सोनिया ऊपर वाले कमरे से नीचे आ रही थी। दोस्तों अभी वो सोकर ही आई थी इसलिए उसने नाइट सूट पहन रखा था, एक पतली सी टीशर्ट और मैंने देखा कि उसने टीशर्ट के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी उस पतली सी टीशर्ट होने की वजह से उसके दोनों बूब्स के निप्पल मुझे बाहर से ही साफ दिखाई दे रहे थे।
अब तो वो और भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी, मेरा मन कर रहा था कि उसी समय में उसकी टीशर्ट में अपना मुहं डालकर उसके दोनों बूब्स को बारी बारी से बहुत जमकर उनका रस चूस लूँ। में उनका सारा दूध पी जाऊं। अब मेरा लंड भी वो द्रश्य देखकर हरकत में आ गया था और वो लोहे की तरह अकड़कर खड़ा हो गया था और बहुत गरम भी हो गया था। फिर मैंने अपने लंड पर हाथ रखा हुआ था कहीं सभी को पता ना चल जाए और अब ना तो में खड़ा होने की हालत में था और ना ही बैठ सकता था। दोस्तों मैंने उस समय ट्राउज़र और एक लंबी टी-शर्ट पहनी थी और फिर मैंने तुरंत ही अपनी टी-शर्ट को बाहर निकाल लिया, जो पहले अंदर थी। दोस्तों वो सब मैंने इसलिए किया क्योंकि वो मेरा खड़ा लंड उसके नीचे आ गया और किसी को अब मेरा खड़ा लंड नजर नहीं आया। दोस्तों सोनिया ने जैसे ही मुझे देखा उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। अब वो मुझसे बोली गुड मॉर्निंग आकाश, मैंने भी उसको जवाब दे दिया, उसके बाद वो मुहं हाथ धोने और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बाद वो वापस आ गई।
अब मैंने देखा कि वो बहुत गीली हो चुकी थी, क्योंकि वो पानी से अपने मुहं हाथ धोकर आई थी इसलिए पानी अब उसकी टी-शर्ट के ऊपर बूब्स वाली जगह पर भी पड़ गया था, इसलिए अब मुझे उसके बूब्स का वो हिस्सा साफ नज़र आ रहा था। दोस्तों मेरी नज़र उसके बूब्स पर गई और में कुछ देर उसके बूब्स को देखता ही रहा और उसके बाद मैंने ऊपर देखा, तब वो मेरी तरफ ही देख रही थी। अब वो मुझसे बोली क्यों क्या हुआ आकाश? मैंने बोला कि कुछ नहीं। फिर वो मेरे पास आ गई और उसी समय मेरे ताऊ जी नहाने के लिए चले गये और वो मेरे पास आकर बैठ गई, बहुत देर तक हम दोनों इधर उधर की बातें हंसी मजाक करते रहे और बातों ही बातों में कॉलेज की बातें चल पड़ी।
दोस्तों वो बहुत ही चालाक समझदार थी, इसलिए उसने तुरंत ही मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ लिया। फिर मैंने उसको साफ मना कर दिया किया कि मेरी अभी तक कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और जब मैंने उसको उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा, तब उसने भी मुझसे मना कर दिया और वो मुस्कुराते हुए मुझसे कहने लगी कि अभी मुझे कोई मिला ही नहीं, में वैसे ढूंढ रही हूँ और बहुत देर इस तरह की बात हमारे बीच चली। फिर उसके बाद में अपने घर चला गया और उसने मुझसे वादा किया कि वो मेरे घर ज़रूर आएगी।
दोस्तों मेरी मम्मी को आज सत्संग सुनने के लिए कहीं जाना था, इसलिए मम्मी ने मुझे ग्यारह बजे ही खाना खिला दिया और वो चली गई और मेरे पापा भी अपने ऑफिस जा चुके थे। दोस्तों में अक्सर जब भी मेरे घर में कोई नहीं होता तो में कोई भी सेक्सी फिल्म लगाकर मुठ मारता था। फिर मैंने वैसे ही किया। मैंने एक सीडी लगाई और में फिल्म देखने लगा था। फिर अभी कुछ देर ही हुई थी कि बाहर से किसी ने दरवाजे की घंटी को बजा दिया और मैंने जल्दी में सीडी बंद नहीं किया, मैंने बस टीवी को रिमोट से ही बंद कर दिया और फिर में उस कमरे से बाहर आ गया। अब मैंने दरवाजा खोलकर देखा तो देखता ही रह गया, क्योंकि उस समय मेरे सामने सोनिया खड़ी हुई थी, उस समय तो में शॉर्ट्स और बनियान में ही था और हमेशा जिम जानने की वजह से मेरे शरीर की बनावट बहुत ही अच्छी थी। अब वो भी मेरे गोरे गठीले बदन को चकित होकर देखती ही रह गई और फिर में उसको अपने साथ अंदर ले आया, सबसे पहले मैंने उसको अपना सारा घर दिखाया और फिर हम कमरे में जाकर बैठ गये। फिर उसने मेरे गठीले बदन की तारीफ करना शुरू किया और मैंने उसको धन्यवाद कहा और उसके बाद में उसके लिए जूस बनाने के लिए रसोई में चला गया।
फिर उसने मेरे जाने के बाद टीवी को चालू किया और वो सीडी अपने आप ही चल पड़ी और वो तो बस उसको देखती ही रह गई। दोस्तों में तो उस समय रसोई में ही था, वो चोरी चोरी उस फिल्म को देख रही थी और मेरे आने की आहट पर उसने तुरंत ही टीवी को वापस बंद कर दिया। दोस्तों मुझे उसने बिल्कुल भी एहसास ही नहीं होने दिया कि उसने कुछ देखा भी है और फिर हम दोनों बैठकर बहुत देर तक बातें ही करते रहे। अब मुझे लगा कि वो शायद बोर हो रही है इसलिए मैंने टीवी को चलाने का विचार बनाए, मैंने सबसे पहले सीडी को बंद किया और केबल को चलाने लगा। दोस्तों उसको भी मेरी तरह इंग्लीश फिल्म बहुत पसंद थी। मैंने देखा कि एक चेनल पर एक इंग्लीश फिल्म आ रही थी, हम दोनों उसको देखने लगे और थोड़ी ही देर के बाद उसमे एक सेक्सी द्रश्य आ गया। अब मुझे उसके साथ बैठकर वो द्रश्य देखते हुए थोड़ी सी शरम सी आ रही थी और वो भी देखकर मन ही मन में हंस रही थी। अब मैंने उसकी तरफ और उसने मेरी तरफ देखा हम दोनों की आंखे दो और दो चार हो गई। अब वो ज़ोर से हंस पड़ी और में भी उसको देखकर मुस्कुरा गया।
दोस्तों हम दोनों उस समय सोफे पर बैठे थे, वो ज़ोर ज़ोर से हंस पड़ी और उसी समय वो मुझसे कहने लगी तुम बहुत गंदे हो आकाश और वो दोबारा से हंस पड़ी, लेकिन मुझे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था। दोस्तों वो 20-21 साल की थी, इसलिए उसमे जवानी की मस्ती भरी पड़ी थी और वो ज़ोर से बार बार कहने लगी तुम बहुत गंदे हो गंदे हो और हंस रही थी। फिर मैंने उसको पूछा कि वो कैसे? तब वो कहने लगी कि में नहीं बता सकती। अब मैंने उसको कहा बताओ ना, लेकिन वो जैसे मुझसे चिढ़ाते हुए भाग पड़ी और हम दोनों तो जैसे खेलने लगे थे, वो भाग रही थी में उसको पूछ रहा था बता दो बता दो और वो आगे भाग रही थी और कह रही थी नहीं बताउंगी। फिर मैंने जब कुछ देर बाद पीछे दौड़ते हुए उसको पकड़ लिया और मैंने उसका अभी तो बस एक हाथ ही पकड़ा था और में उसको बोला बताओ वो क्या बात है। फिर वो अब भी हंस पड़ी और बोलने लगी में नहीं बताउंगी में वो बात सभी को बताउंगी। फिर मेरे ज़ोर डालने पर उसने मुझसे बोल दिया कि तुम चोरी चोरी सीडी पर सेक्सी फिल्म देखते हो।
दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरे तो एक बार तोते उड़ गये और जब मैंने उसको पूछा कि तुम्हे कैसे पता चला? थोड़ी देर के बाद उसने मुझे बता दिया कि मैंने तेरे जाने के बाद टीवी को चालू कर लिया था। अब मेरे तो यह बात सुनकर माथे पर पसीना आ गया और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम इतना डर क्यों गये? में किसी को नहीं बताने वाली तुम्हे इतना डरने की जरूरत नहीं है। अब हम दोनों सोफे पर बैठ गये, लेकिन अब हम दोनों एकदम पास चिपककर बैठे हुए थे और वो थोड़ी देर के बाद दोबारा से हंसने लगी और आख़िर में उसने मुझसे कहा कि चलो आज हम दोनों ही एक साथ बैठकर वो फिल्म देखते है मुझे भी वो देखनी है, क्योंकि मेरी सभी सहेलियों ने वो फिल्मे बहुत देखी है, लेकिन में अब तक देख नहीं सकी, प्लीज एक बार मुझे भी तुम दिखा दो। दोस्तों मैंने पहले तो उसको मना किया, लेकिन फिर उसके बार बार ज़ोर डालने पर मैंने सीडी को चालू कर दिया और जब उस फिल्म में सेक्सी सेक्सी द्रश्य आने लगे तब उसको भी सेक्स चढ़ने लगा और मुझे भी जोश आने लगा था। फिर में मौका देखकर थोड़ा सा उसके साथ चिपककर बैठ गया और उसके बाद धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके कंधे पर रख दिया, लेकिन उसने मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं किया।
फिर उसके बाद मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया, उसने मेरी तरफ देखा और फिर दोबारा फिल्म देखने लगी। अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था और उसकी तरफ से विरोध ना देखकर मैंने अपना दूसरा हाथ भी उसके दूसरे बूब्स पर रख दिया और में मसलने लगा, में लगातार अब उसके बूब्स को दबाने सहलाने लगा था, जिसकी वजह से वो भी मस्त सी हो रही थी। अब मैंने मौका देखकर धीरे से उसके गालो पर चूम लिया और फिर अपने होंठो को मैंने उसके गरम गुलाबी रसभरे होंठो पर रख दिए। दोस्तों इतना सब होने की वजह से वो भी बहुत गरम हो चुकी थी और उसने भी मेरा पूरा साथ देना शुरू किया और हम दोनों होंठो को चूमने लगे। उसने मुझे और मैंने उसको बहुत जमकर चूसा और मेरे होंठ पर उसने काट भी दिया था। अब में नीचे से उसके बूस को मालिश कर रहा था, उसके बाद मैंने धीरे से अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और फिर मैंने उसका टाइट सूट ऊपर से उतार दिया। अब मैंने देखा कि उसके गोरे गोरे सेक्सी बूब्स गुलाबी रंग की ब्रा के अंदर से ऐसे लग रहे थे कि जैसे कि वो मुझसे कह रहे हो जल्दी आ जा आकाश हमें आज़ाद कर दे और हमे बहुत जमकर चूस। अब मैंने वैसा ही किया। मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके बूब्स पर में टूट पड़ा और मज़े से उसके बूब्स को चूस रहा था और वो गरम हो रही थी।
फिर मैंने अपने हाथ से उसकी पटियाला सलवार को खोल दिया। मैंने देखा कि उसने गुलाबी रंग की पेटी पहनी थी। मुझे पेंटी बहुत पसंद है वो सब देखकर मेरा लंड नाचने लगा था। अब मैंने उसकी पेंटी को फाड़ दिया और अपना हाथ सीधा मैंने उसकी चूत पर कर दिया और फिर सोनिया ने अपनी चूत के बालों के बाल साफ कर रखे थे। उसकी लाल रंग की चूत पर मैंने अपनी एक ऊँगली को डाल दिया और सोनिया ने आहहहह ऊहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकाली। फिर में अपनी ऊँगली को कभी अंदर और बाहर निकलने लगा, वो सेक्स की वजह से पागल हो रही थी। लगातार उसके मुहं से सेक्सी सेक्सी आहे भर रही थी उम्म्म्मम आहह्ह्ह। फिर मैंने जब उसके निप्पल और बूब्स को बहुत जमकर चूस लिए उसके बाद मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और उसने भी मेरे लंड को चूसना शुरू किया। चूसते चूसते वो मेरी तरफ देख रही थी और उसकी आँखों की चमक बहुत बढ़ चुकी थी, उसकी आँखों से मुझे पता चल रहा था कि वो बहुत खुश थी, क्योंकि उसको मेरे सात इंच के लंड का स्वाद मिल रहा था। अब मुझे उसकी हरकतों से पता लग गया था कि उसने पहले भी अपनी चूत को किसी से चुदवा रखी थी, इसलिए वो तो मेरे लंड को लोलीपोप की तरह मेरे लंड को हाथ में पकड़कर चूसने लगा रही थी और वो उम्म्म्मम ऊऊऊऊओ करके हंस रही थी।
अब वो तो अपने आप ही मेरे लंड को अपने मुहं के अंदर पूरा उतार देना चाहती थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मुझे इतना मस्त मज़ा आ रहा था कि आनंद मज़े की वजह से मेरी आखें बंद हो रही थी। अब मेरे भी मुहं से आअहह निकल रही थी। मैंने अपने लंड को उसके मुहं से निकाल लिया और उसके बाद में सोफे के नीचे फर्श पर अपने घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत को चूसना शुरू किया। अब में अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डालकर बहुत मस्त चूस रहा था। उसने अपने हाथ मेरे कंधो रखे हुए थे उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और अब उसका चूत रस मेरे मुहं में आ रहा था। उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी, लेकिन दोस्तों मैंने इतनी लाल चूत पहली बार देखी थी। उसके बूब्स के निप्पल भी लाल रंग के थे और दूध की बोतल की तरह उसके निप्पल बाहर निकले हुए थे। फिर उसकी चूत के दाने को भी मैंने बहुत चूसा और उसका दाना गरम हो गया था। अब मैंने उसको सोफे पर बैठाकर उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और अपने लोहे की तरह तने हुए लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब मैंने अपना लंड उसकी रेशम जैसी मुलायम चूत में डालना शुरू किया, जिसकी वजह से एक बार उसने ज़ोर से चीख मारी और अपने हाथ से उसने अपने पास पड़ा अपना रुमाल अपने मुहं पर रख लिया।
फिर मैंने जब दो तीन धक्के मारे तो वो भी तब तक सेट हो गई। में जब थोड़ा ज़ोर से धक्के मारता तो वो दर्द को महसूस करती। फिर मैंने थोड़ी देर धीरे किया और उसके बाद जब उसको मज़ा आने लगा तो तब में भी थोड़ा और तेज होने लगा था, वो भी अब मेरा साथ देने लगी थी और मेरी नज़रो से नज़र मिलाकर हंस पड़ी और वो बोल रही थी में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आकाश धीरे मत करो, प्लीज लगातार ही करते रहो। अब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मेरे धक्के लगातार बिना रुके ज़ोर ज़ोर से जारी थे। अब में सोफे पर बैठ गया और वो मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई। वो अपने आपको ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चुदवा रही थी और उस समय उसके कूल्हों की हरकत देखने वाली थी। उसके गोरे गोरे चूतड़ बहुत पागल कर देने वाले थे। दोस्तों उसके कूल्हे बहुत समय लगाकर भगवान ने तैयार किए होंगे, ऐसा लग रहा था। अब वो बड़ी ज़ोर से कभी ऊपर और कभी नीचे होकर धक्के मार रही थी। फिर जब वो थक गई तो तब मैंने उसको सोफे पर ही कुतिया बना लिया अब में पीछे से लग गया और धक्के मारने लगा था। फिर जब धक्के पड़ते तो उसके कूल्हों से ठप ठप ठप की आवाज़ निकल रही थी और पहले तो कुछ देर उसके कूल्हों पर अपने हाथ को रखकर पीछे से धक्के देकर मैंने उसको बहुत जमकर चोदा।
फिर कुछ देर बाद में पीछे से हाथ डालकर सोनिया के बूब्स को मसलने लगा था और कभी उसकी पीठ पर उसकी गर्दन पर भी चूमने लगा और एक बार तो मैंने उसके बाल ही पकड़ लिए थे, जिसकी वजह से मुझे वो बहुत मज़े देकर अपनी चूत दे रही थी। मुझे उसका जोश देखकर ऐसा लग रहा कि जैसे वो बहुत दिनों से चुदाई भूखी हो। दोस्तों उसके जिस्म का हर एक अंग ऊँची कंपनी का लग रहा था और अब मेरा लंड झड़ने वाला था। अब मैंने उसको कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालने को कहा। फिर उसी समय वो मुझसे कहने लगी कि नहीं तुम इसको बाहर मत निकालना, तुम ऐसे ही धक्के देकर करते रहो। फिर मैंने उसको बोला कि मेरा लंड अब किसी भी समय झड़ जाएगा, लेकिन वो नहीं मानी और आख़िर में मैंने उसकी चूत में ही अपने आखरी ज़ोर ज़ोर से पांच धक्के ऐसे मारे कि उसकी चूत के अंदर ही मैंने अपना सारा वीर्य निकाल दिया। दोस्तों वो तो अब भी मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकलवाना नहीं चाहती थी, लेकिन दोस्तों आप सभी को तो पता है कि काम पूरा हो जाने के बाद एक बार लंड को चूत से बाहर निकालना हमारी मजबूरी है।
फिर कुछ देर बाद मैंने अपना लंड निकाल लिया और अपना गीला लंड मैंने उसके मुहं से अपने को उसकी जीभ से साफ करवाया, वो लंड से हटती तो मेरे जिस्म से खेलने लगी और मुझे लगातार चूम रही थी और में भी बहुत देर उसको प्यार करता रहा। अब मैंने सोनिया के ना चाहते हुए भी सोनिया को कपड़े डलवाए और उसको घर पर भेज दिया, लेकिन जाते हुए भी वो बोल गई तुम बहुत सेक्सी हो। एक तुम ही हो जिसको में अब तक ढूंड रही थी, मुझे तुम्हारे साथ यह सब करके बड़ा मज़ा आया और में तुम्हारे साथ दोबारा भी यह खेल जरुर खेलना चाहती हूँ ।।
धन्यवाद …

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Saturday, 6 January 2018

शिवानी भाभी की रोज चुदाई भैया की अनुपस्थित में


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भाभी की उम्र 32 साल है और उनके पतिदेव की उम्र 37 साल. उनका शिफ्ट ड्यूटी रहता था. यह बात मेरे आने के 2 महीने के बाद की है. हम लोग आपस में बहुत घुल मिल गये थे. क्योंकि मुझे बच्चो से बहुत लगाव है।भाभी का फिगर मस्त था, रंग सावला था और सबसे दिलचस्प उनकी गांड थी. भाभी मुझसे सारी चीज़ डिसकस करती थी. वो बोलती थी की उनको मेरा आपसे इतना बात करना पसंद नही है तो में समझता था की ये नेचुरल है. धीरे धीरे मेरा और भाभी का सात बढ़ता गया और वो किसी ना किसी बहाने से मेरे रूम में आ जाया करती थी कभी चाय तो कभी कॉफी, स्नेक ऑफर करने के बहाने. मैं समझ गया था की यह मुझे पसंद करती हे पर में ये सोच के चुपचाप था की कुछ भी इधर उधर करने से प्रोब्लम हो सकता है और जॉब से भी हाथ धोना पड़ सकता है. मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
एक दिन उसके पति ट्रेनिंग के लिय 15 दिन के लिए आउट ऑफ स्टेट गये. पहला दिन नॉर्मल में बीत गया. वो मेरे रूम मे आई और मुझे नॉर्मल टी और स्नेक्स ऑफर किया, थोड़ी देर बात की और यह बोल कर चली गयी की बच्चे अकेले हैं. दूसरे दिन उसने कहा की रात का खाना आपके लिए बना दूँगी आप बाहर मत जाना खाने के लिए… रात के 10 बजे वो खाना लेकर आई और मुझे खाना खिलाने लगी साथ मे खुद भी खाने लगी. मुझे थोडा अजीब लगा क्योंकि कोई इस तरह से क्यों करेगा या तो उसे कुछ चाहिए जो की में दे सकता हूँ या फिर पता नही।मैने कहा ठीक हैं भाभी में खा लूँगा आप जाओ बच्चे अकेले हैं. भाभी ने कहा इसलिए तो अभी आई हूँ… उन लोगों को सुला कर…. मैं उनका इशारा समझ रहा था लेकिन मेरे तरफ से कुछ भी करना ठीक नही था. हम दोनो ने मिल के खाना खाया. मैने कहा आपके पति कॉल करेंगे तो… तो वो बोली उनसे बात कर ली है और बोल दिया है सब सो रहें हैं अब उनका कॉल नही आएगा… हम लोग टीवी देख कर खा रहे थे।खाना खत्म होने के बाद वो बोली की आप और कुछ लेंगे क्या तो बना दूँगी….. मैने कहा जब सब कुछ बना हुआ है तो और क्या बनाने की ज़रूरत है… हम दोनो हंसने लगे. उसने बोला की दही लेंगे… मैने सर हिलाया और कहा आपके पति बहुत लक्की हें… उसने कहा पर मैं लक्की नही हूँ… तो मैने पूछा क्यों… उसने कहा बस ऐसे ही वो आज कल मुझ पर ज़्यादा ध्यान नही देते…

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भाभी ब्लू कलर की नाईटी पहने हुई थी. यह सब सुन कर मेरे लंड में तूफान सा मचने लगा. मैं अक्सर ब्लू फिल्म देख कर मूठ मारता था और अपनी प्यास बुझाता था…. मगर आज तो कुछ और ही होना था. भाभी मेरे पास आई और बोली i love u … वो मेरे पास सोफे पर आकर बैठ गयी और मुझसे पूछा की वो मुझे कैसी लगती है. मैने कहा भाभी मैं तो आपको शुरू से ही पसंद करता था मगर एक डर बना रहता था की कुछ प्रोब्लम ना हो जाए… इस पर उसने कहा की कोई प्रोब्लम नही होगा में सब संभाल लूँगी…हम दोनो एक दूसरे को पागलों की तरह किस करने लगे. उसने बोला आज मेरी पूरी प्यास बुझा दो आज से मैं तुम्हारी हूँ… मैने कहा सब यहीं करेंगे या बेडरूम में चलें… उसने मुस्कुरा कर कहा….तुम जहाँ सुरू हो जाओ वही मेरा बेडरूम है… ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं उसे बेडरूम में ले गया. रात के 11 बज चुके थे और बाहर मौसम भी बारिश का था और कूल था. मैने उसे बेड पर लिटा दिया और खुद भी लेट गया. हम दोनो की साँसें तेज हो चुकी थी. मैं उसे किस करने लगा वो मदहोश होने लगी. मैने उसका नाईटी निकाल कर फेक दिया अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी. उसने कहा लाइट ऑफ कर दो मुझे शरम आ रही है तो मैने कहा अब किस बात का शरम… मैने ब्रा खोल दिया और उसे सीधा कर के उसके चुचि (बोब्स) को चूसने लगा।वो भी मुझे किस कर रही थी. मैं धीरे से अपना शर्ट और पेंट निकाल दिया और अंडरवेयर में से लंड निकाल कर उसके हांथ में दे दिया. मेरा लंड 6 इंच का है और नॉर्मल साइज़ का है।वो उसे पकड कर खेलने लगी और मैं भी उसके चुचि को खूब मसलने लगा. फिर मैने उसके पेट को छूना शुरू किया और नीचे देखा तो उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी. उसने अपना पानी छोड़ दिया था. वो मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी. मैने अपना अंडरवेयर निकाल दिया और उसका पेंटी भी. अब हम दोनो पूरे नंगे एक दूसरे के उपर लेटे हुए थे. उसने कहा अब कंट्रोल नही हो रहा है मुझे चोदो मैने कहा अभी तो मेरी जान शुरुवात है जम के चुदाई होगी…

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मैं फ्रीज़ में से कुछ आइस लेकर आया. उसके निप्पल और पेट पर आईस रगड़ने लगा. 5 मिनिट के बाद मैने अपना लंड उसके मूह में डाल दिया. वो लोलिपॉप की तरह चूसने लगी. मैने उसके चूत में भी एक आइस डाल दिया वो उछलने लगी और अपनी गांड नाचाने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मेरा पूरा वीर्य निकल गया और उसने जोश में उसे पी लिया।फिर मैने खुद को साफ किया और उसकी चूत को चाटने लगा. वो चिल्लाने लगी और बोलने लगी कुत्ते चुदाई भी करोगे या मुझे तडपाते रहोगे… ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैने कहा मेरी प्यारी रंडी भाभी लंड से तुमने सारा माल निकाल लिया इसे फिर से चूस के खड़ा करो… उसने बिना कुछ बोले ज़ोर ज़ोर से लंड चूसने लगी और उसे खड़ा कर दिया. अब में उसके उपर आकर लंड उसके चूत में डाल दिया और उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा….वो चिल्लाने लगी और गलिया भी दे रही थी…उसके मूह से अजीब अजीब आवाज़ आ रही थी….आआआहह…..उूउउ….माआअ…..और ज़ोर से डालो मेरे राजा आज से तुम्हारी रांड़ बन के रहूंगी बहनचोद फाड़ दो मेरी चूत को…ये सब सुन के मैं और जोश में आ गया और उसे घोड़ी बनने को कहा और पीछे से ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा. वो पागलों की तरह गांड मटका रही थी।मैने कहा तुम्हारी गांड तो चूत से भी मस्त है…और एक उंगली गांड में डाल दि. वो और गांड मटकाने लगी ये देखकर मैं और ज़ोर से डालने लगा और दो उंगली गांड मैं डाल दि… वो चिल्लाने लगी. फिर मैने कहा मेरा निकलने वाला है…उसने कहा चूत मैं ही डाल दो…मैं उसके चूत में ही डिसचार्ज हो गया और उसी पोज़िशन में उसके उपर लेट गया।

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हमने उस रात सुबह 4 बजे तक तीन बार सेक्स किया. उसे बहुत मज़ा आया क्योंकि मैने उसे अलग अलग पोज़िशन में चोदा. वो बहुत ही खुश थी. हमने 13 दिन बहुत सेक्स किया. उसने कहा तुम इतने हॉट होगे मैने कभी नही सोचा था. अब हम जब भी मौका मिलता है तब चुदाई करते हैं. उसके पति की जब भी नाइट शिफ्ट होती है तब वो मेरे रूम मे आती है और हम लोग जम के चुदाई करते हैं।में आगे की स्टोरी मैं बताऊंगा की कैसे में अब उसे और उसकी सहेली जिसके पति उसके पति के साथ काम करते हैं और उनका शिफ्ट ड्यूटी भी एक साथ पड़ता है.. दोनो को कैसे रात भर चोदता हूँ

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Saturday, 30 December 2017

नई भाभी की चूत चुदाई की वजह से सूजकर लाल टमाटर की तरह हो गयी


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नई भाभी बहुत सुंदर ओर सेक्सी लग रही थी. और साड़ी मे तो बहुत अच्छी लग रही थी. और उसके फिगर तो ऐसे थे की पूछो मत वो मेरी ही उम्र की थी. उसका नाम दिव्या था मुझे तो वो औरत नही लड़की ही लग रही थी. मेने मेरे दोस्त को कहा यार तेरी बीवी तो बहुत मस्त लग रही हे… मेने तभी दुआ की मुझे बीवी दो तो ऐसी फिगर ओर सुंदर देना. मेने उससे बात की तो उसकी आवाज़ भी सेक्सी थी. वो भी बारी बारी मुझे ही देख रही थी।
फिर एक दिन मे जब अपनी बाइक को वॉश कर रहा था तभी वो घर से कुछ कपड़े और बर्तन लेकर मेरे यहाँ धोने आ गई. जब वो नीचे की तरफ झुकी थी तो तभी मेने उसके प्यारे से बोब्स को देख लिया. मे उसे कुछ कह नही पाया मुझे मजा आ रहा था मे बाईक को वॉश करता गया और वो मुझे देखती गयी लेकिन उसने ऐसा किया की उसके बोब्स मेरे को सॉफ नज़र आने लगे. उसकी बोब्स जब देखता था तो मेरे मे 440 वॉट्स का करंट एक साथ दोड़ता था. इस तरह मैं कई बार उसके बोब्स को देख चुका था वो कुछ कहती नही थी. और एक दिन आया जब मेरी किस्मत खुली।
वो घर पर आई और मेरे को बोली घर पर टीवी मे कुछ दिखता नही हे तो ठीक कीजिए ना… मे जैसे ही टीवी वाले रूम मे गया तो उसने दरवाजा बंद कर दिया था. मुझे मालूम नही था की उसने दरवाजा बंद किया तब उसके घर पर कोई नही था। मे टीवी को देख रहा था उसने मुझे पीछे से आकर उसकी बाहों मे पकड़ लिया. मैं मन ही मन मे खुश हो रहा था. मेने पूछा यह क्या कर रही हो तो वो बोली जो तुम्हे दिख रहा हे… उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया मेरे होंठ को वो बुरी तरह से किस करने लगी. मे भी जोश मे आ गया और उसको किस करने लगा. और उसको अपनी बाहों मे दबाने लगा. उसको मेने खींच के सोफे पर लेटा दिया और मे उसके उपर आ गया और उसको चूमना शुरू कर दिया. 10 मींनट तक मे उसको चूमता रहा. फिर मेने उसका ब्लाउस खोल दिया. उसके बाद मेने उसकी ब्रा भी खोल दी. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जेसे ही मेने ब्रा खोली तो उसके बोब्स उछल के बाहर आ गये मे उसे देखकर उसको दबाने लगा. वाह क्या बड़े बड़े बोब्स थे 38 साइज़ के।कितने दिनों के बाद इसके पूरे के पूरे बोब्स दिखने को ओर दबाने को मिले फिर मैने उसकी निप्पल को मुहं मे रख दिया और चूसने लगा वो अहा…आहह ऊहह कर रही थी. मैं उसे चूसता ही रहा थोड़ी देर बाद मेने उसकी साड़ी हटा दी और उसको पेंटी मे ला दिया उसकी चूत बहुत गर्म हो गयी थी तो उसकी पेंटी गीली हो चुकी थी. मैने पेंटी को निकाल कर उसकी चूत को फैला कर चाटने लगा. वो सिसकारी मार रही थी. अहाआ.. आ… हहाहः उसने कहा की ऐसा तो तुम्हारा दोस्त भी नही करता उसे और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था क्यूकी मेने चूत पहली बार देखी थी. वो पूरी नंगी थी।

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पहली बार ऐसी नंगी लड़की को देख के मेरा लंड जो सो रहा था वो टाइट हो चुका था. उसने मुझे बेठा कर मेरे को नंगा कर दिया. मेरा लंड देखते ही वो बोली इतना लंबा तो मेरे पति का भी नही है… मुझे मजा आएगा तुम्हारे लंड से चुदवाने मैं… मेरा लंड उसके हाथों मे आते ही झटके खाने लगा वो बहुत टाइट हो चुका था उसने कहा तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा ओर लंबा है.. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैने कहा 9’ इंच लंबा ओर 3 इंच मोटा है.. उसने मेरे लंड को अपने मुहं मे लेकर चूसने लगी. जहाँ तक हो सकता था वो मेरा लंड अपने मुह में ले रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था थोड़ी देर वो चूसती रही बाद में मैंने उसे सोफे पर लेटा दिया. ओर फिर से उसकी चूत को चाटने लगा. वो सिसकारिया मार रही थी फिर मैं उठा उसके दोनो पेरो को फेला दिया उसने अपने हाथो से उसकी चूत को फैला दिया।मैने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया ओर उसकी चूत पर घिसने लगा वो बोली अब डाल भी दो कितना तडपाओगे… मैने कहा तड़पने मे ही मजा हे मेरी जान ओर मैंने धक्का लगा के उसकी फैली हुई चूत मे मेने लंड को 3 इंच तक घुसा दिया. फिर 3-4 धक्के ओर लगाए तो वो चिल्लाई. मेने धक्के मारना बंद किया वो शांत हो गयी ओर मैने उसको किस करना शुरू कर दिया ओर किस के बाद मैं उसके बड़े बड़े चुचिया चूसने ओर दबाने लगा थोड़ी देर बाद वो खुद अपने चुतड उपर की ओर धकेलने लगी मैं समझ गया की अब वो पूरा लंड लेने को तेयार है मैने फिर से धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू कर दिया वो अहाहाअ… हाहह हह्.. हा.. हह. हह.. अहहह.. उई… कर रही थी।

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तभी मैने एक ज़ोर से धक्का लगा के मेरे लंड को मैने 7 इंच तक उसकी चूत मे घुसा दिया वो चिल्ला नही सकी क्यूकी उसका मुहं मेरे मुहं मे था. ओर मे उसको ज़ोर ज़ोर से किस करता गया ओर धक्के लगाता गया. तभी वो बोली फाड़ डाल मेरी चूत को वो तुम्हारे लंड जैसा ही मांगती हे… उसकी यह कहने से मेरे मे जोश आ गया मैने फिर से धक्का लगा के मेरे पूरे 9 इंच के लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया वो इस बार ज़ोर से चिल्ला उठी. आआ.. याया.. हा.. हह्.. मे समझ गया की मेरा पूरा लंड उसकी चूत मे घुस चुका हे. वो बोली मे ओर सह नही पा रही हू तुम्हारा लंड बाहर निकाल दो… ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैने कहा तुमने खुद मेरे लंड को न्योता दिया हे तो उसकी भूख मिटने के बाद मे यह बाहर निकालूँगा… वो बाद मे कुछ बोली नही मे उसे लगातार धक्के लगा रहा था।ऐसा 15 से 20 मिनिट तक मे उसको उसी पोज़िशन मे चोदता गया. अब उसे भी मजा आ रहा था वो अपने चुतड उछाल उछाल की मुझसे चुदवा रही थी मेने उसे और जोर से चोदना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद वो बोली राहुल में झड़ने वाली हूँ.. ओर तेज धक्के मारो ना.. मेने ओर तेज धक्के मारने लगा ओर वो झड गयी. ओर शांत पढ़ गयी. फिर मैने उसको घोड़ी बनने हो कहा तो वो हंसती हुई मुझे किस करने लगी. फिर वो घोड़ी बन गयी सोफे की सहारे वो हाथ आगे को करके ओर अपनी कमर थोड़ी नीचे कर ली जिससे उसकी चूत उभर कर बाहर को आ गयी. मैने उसके पीछे जाकर भाभी की चूत मे मेरा लंड एक ही धक्के मैं पूरा का पूरा 9 इंच लंड उतार दिया. इस बार मेरा लंड एक ही धक्के मे पूरा का पूरा उसकी चूत मैं चला गया. फिर उसे मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा. मैं तो पसीना पसीना हो गया था मैं उसके बोब्स को दबाए जा रहा था।

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तकरीबन 25 मिनट तक ऐसे ही मैने उसको चोदा. तब तक वो 2 बार ओर झड़ चुकी थी पर मेरा पानी तो अभी भी नही निकला था मैने अपनी स्पीड बड़ा दी और फुल स्पीड से चोदना शुरू कर दिया. वो ईईईईसस्स्सस्स.. आ.आ..हा..हा.. गुड राहुल इसी तरह से ऊऊहह.. माँ..आ..आ.. फिर मैने कहा मेरा पानी निकलने वाला हे… निकालो वो बोली. मेरी चूत मे ही पानी छोड़ दो.. मेने उसकी चूत मे पानी छोड़ दिया. फिर उसको मैं अपने ऊपर घुमा कर लिटा लिया ओर बाहों मैं लेकर सोफे पर लेट गया. थोड़ी देर बाद वो उठी ओर उसकी चूत से मेरा लंड निकाल कर उसको चूसने लगी. बाद मैं वो मुझे बाथरूम मे ले गयी. ओर मेरे लंड को साबुन से साफ़ किया. उसने मुझसे पूछा मजा आया.. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मेने कहा बहुत मजा आया तभी वो बोली तुम्हारा लंड तो अभी भी टाइट क्यों है… मेने कहा अभी भी भूखा लगता हे… तो उसने कहा तो फिर चलो शुरू हो जाओ… मैने यह सुन कर तो ख़ुशी के मारे उछल पड़ा।फिर में बोला क्या मैं तुम्हारी यह सेक्सी गांड मार सकता हूँ वो कुछ नही बोली ओर बाथरूम मैं रखे तेल को लेकर मेरे लंड पर लगाया ओर मुझे कहने लगी कब से मैं यह करने को कहती थी पर उन्होंने मेरी गांड कभी भी नही मारी आज तुमने यह बोलकर मुझे खुश कर दिया है मुझे पता है की तेरा लंड मेरी गांड फाड़ देगा पर मुझे कोई परवाह नही गांड को इतना लंबा ओर मोटा लंड भी तो मिलेगा लो अपनी ओर मेरी इस इच्छा को जल्दी पूरा करो… मैने भी बिना मोका गवाएं अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर रख कर एक जोरदार धक्का मारा ओर 5 इंच तक लंड उसकी गांड मैं समा गया वो दर्द से छटपटाने लगी मैने अपने हाथ आगे करके उसकी चुचिया दबाने लगा।

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कुछ देर मैं वो बोली अब मेरी परवाह मत करो दिखाओ तुम मैं कितना जोश है फिर क्या था मैं उसकी गांड मैं अपना लंड डालता गया ओर वह उूउउंम्म..माँ..उई.. करती हुई अपनी गांड मरवाती रही. 30 मिनट की चुदाई के बाद मै बोला क्या अपना पानी तुम्हारी गांड मैं ही निकाल दूं.. वो बोली नही नही अपने इस कीमती पानी को बेकार मत करो फिर जल्दी से उसने मेरा लंड अपनी गांड से निकाला पानी से धोया ओर अपने मुह में लेकर चूसने लगी. आआहह बहुत मजा आ रहा है दिव्या आहह.. लो.. ये चुदाई कहानियाँ,रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। मैं ओर मै उसके मुहं मैं ही झड़ गया वो मेरा सारा का सारा पानी पी गयी उस वक़्त मुझे सच में लगा कीं में किसी जन्नत मैं हूँ।फिर हम दोनो साथ मैं नहाए ओर अपने अपने कपड़े पहने ओर जाने को कहा तो वो बोली की अब मेरा टीवी कब ठीक करोगे मैं बोला जब भी खराब होगा तभी ठीक कर दिया करूँगा. फिर हम दोनो एक साथ हंस पड़े एक दूसरे को किस किया ओर मे अपने घर आ गया उसके बाद उसको जब भी मोका मिलता वो मुझे बुला लेती।तो दोस्त यह थी मेरी सच्ची स्टोरी अगर आप लोगों को अच्छी लगी हो तो कमेन्ट करे मुझे ताकी मैं और अपनी कहानी आप के लिए लिखूं ।कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे

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Sunday, 17 December 2017

Pehle Bhabi ko phsaya aur fir gand aur choot maari aur pel diya || Randibaaz Aashiq

Meri Bhabhi KI Chatpati choot 
Ye story hai meri aur meri cousin bhabhi ki. Meri bhabhi ka nam suman (name changed) wo thodi rani mukarji jasi lagati hai . Mera hamesha se us par chrush tha or mai hamesha unhe chudne ke sapne dekhta tha.Waise main bahot hi shy person hun, kisi naye person se jaldi mix nahi ho pata, lekin time jate-jate meri aur unki dosti achi ho gai. Aur maine kai baar unke undergarments ko sunga hai aur muth mari hai.

Mai apne bare mai to bata deta hoon mera naam jaybir chodhry hai mai Haryan se hoon or mere lund ka size 11″ hai lekin thoda patla hai . meri height 6 foot 1″ hai or thoda sa mota hoon Apko mera pehla sex experience batata hu jab mai 18 saal ka tha.mai padahi me bahot accha tha 10 tak lekin jab mai 11 th me aya tab muje sex ki bahot icha hoti thi.uss time se maine blue film dekhna start kia aur muth marna bhi.

Mera dhyan padhai ki jagah baki chizo mai jyada tha islye mai 12 mai fali hogya tha or phir mai apne papa ke sath bus ka kam karne laga tha hamari 4 badi bus or 2choti bus hai.mai apni bhabhi ke ghar kafi ata jata tha kyoki meri maa ki death ho chuki thi or hamara khana bhabhi ke ghar se ata tha phele hum hotel se khana le kar ate the magar jab se bhai ki sadi ho gayi tab se bhabhi hamare liye khana banati hai

Yeh khani b jarur padho: bhabi ki madad se behan ko chodha

Mai hamesha se bhabhi se kahi achi thraha se bate karta hoon isliye bhabhi mujhe kafi sarif samjh ti hai lekin mai hoon to pura haram kor bhabhi ko hemesha galt najar se dekh ta hoon.meri bhabhi ki sadi ko ab 8 saal ho chuke hai or unke 2 bache bhi hai.Ab mai apni kahani shuru karta hu bina time waste kie ek din Bhabhi kapde sukha rahi thi ghar pe koi nhi tha Bhabhi ne mujhe unki help karne k lie bulaya mai unki help kar raha tha kapde dene

Me itne me mere hath unki bra or panty aa gai maine bhabhi se anjan bante hue pucha “ye kiska hai bhabhi” to bhabhi kehti “chall badmash idhar de ye meri kachi hai” mujhe sab pata tha magar mai Unse maze le raha tha fir maine bra dikhate hue pucha ye kya hai to unhone kaha “ye meri banayan hai pehnega kya?” unka ye answer sun kar mujhe hansi aa gai fir uske thodi der baad bhabhi mutne gai

Bhabhi k bathroom k darwaza niche se thoda upar hai to mujhe jab unke mutne ki awaz suni maine jhuk kar dekha unhone yellow color ki panty pehni hui thi or unki chut pe thode thode Baal the mera land to khada hi hogya bamboo ki tarah. kuch hi aisa hi chala bhabhi roz kapde sukhane k bahane mujhse sexy baate karti thi ek din to jab unhone mera kacha(underwear) dekha to boli k “jab mai ise dho rahi thi isme se badbu aa rahi thi tu abhi bhi kya susu kar dta hai raat ko”


Maine bhi unse pange lete hue kaha “aap ise kyu sung rahi thi? vo has k chup ho gai Fir ek din bhai bahar chale gae yani punnjab kuch dino k lie ab bhabhi ghar me akele thi to bhabhi ne mujhe raat ko apne ghar sulaliya. agle din jab mai utha tab bhabhi mut rahi thi or unka door lock nhi tha jo mujhe pta tha magar main bhola or bathroom me ghus gya mujhe dekhte hi bhabhi

Khadi ho gai shock se or unka sara mut unki nighty pe gir gya o mujhe kene lagi “tu yaha kya kar raha hai dikhta nhi Main mut rahi hu” to maine kaha darwza band rakhna chahie tha na mujhe kya koi sapne aaya hai . phir bhabhi chali gayi or dosto yaha se humare relation me change aaya . bhai do tin din or nahi ane wala tha ab mere maan mai bhabhi ko chodne ke bare mai aayi .or mai ab uunke ghar pe hi rheta kyoki papa ne kaha tha jab tak tera bhai na aye tab tak tu bhabhi ke sath rahe ga

Ab to meri nikal padi thi lekin mujhe kya pata tha ki bhabhi ke maan bhi yehi sab chal raha hai.lunch k baad bhabhi ko pata nhi kya ho gya tha mere pass aa kar let gai or kehne lagi chal truth and dare.Khelte hai maine kaha thik hai pehle to hum normally khelte rahe tabhi bhabhi ne kaha jaybir maza nhi aa raha kuch naya karte hai itna kehte hi unhone pen ko spin kardia pen mere pass aa kar ruk gya maine dare manglia unki aankho me shaitan tha or
Unhone mujhe kaha chal apna kacha utar k nanga baith k khel or agar nhi karega to mai tere chutado(hips) pe 10thapad marungi . mai soch mai pad gya phir mujhe lag ki bhabhi mera lund dekhna chati hai or mai Game me nanga baitha or mera lund khada tha dosto mera luck ab acha chalne laga or pen bhabhi ke pass jakar ruk gya bhabhi ne dare manga . to mine soch ne laga ki bhabhi se kya kar wa sakta hoon thabhi mane bhabhi ki taraf dekha

Yeah Kahani b Jarur padho: Station Ke Bahar Mili Anjan Bhabhi ki choot chudayi uske ghar mai
To wo mere lund ki taraf dekh rahi thi mane soch ki kyo na bhabhi se apna lund suck karene ko kahu or mane bhabhi se kha ki mera lund suck karo to jese wo iis ke liye ek dum tayar thi or mere khete ke sath hi mere lund ko suck karne lagi .phir jab tak mera pani nahi nikla wo mere lund ko suck karti rahior mera sara pani pe gayi .
Phir mane kaha ab kya ab or khelna hai tp bhabhi boli ki ab bache school se ane wale hai raat ko khele ge.Raat ke 10 baj chuke the tabhi bhabhi ne kaha tu kaha soyega maine kaha jaha sota hu wahi par so jaunga.wo boli nahi aaj tere bhai bhi nahi hai mujhe dar lagega.ek kaam kar mare sath soja aaj.fir hum sone chala gaye.bhabhi ke dono bache so rahe the to bhabhi ne kaha ki hum ek hi rajai kAnder so jate hai or bache alag bed pe so rahe the or hum alag thodi der baad mari bhabhi karwat lekar so gayi aur unki gand mere lund k pas toch kia.Muje bhi acha lag raha tha mera lund bada hota gaya aur unki gand me chubane laga.bhabhi ko bhi maza aa raha tha wo aur piche ayi aur haskar boli tu toh bada ho gaya hai.muje yah shabd sunkar hairani hoyi.unhone mera lund mere pajame k upar se pakad liya aur sehlane lagi aur dhire se ander hath dal diya aur boli niche k baal nahi kate kya kabhi .


Maine kaha 2 mahino se shaving nahi ki.woh mare lund ko ab ander se sehlari thi aur mai unke boobs ko zor se daba raha tha.meri bhabhi ne ab mera pajama pura utar diya tha.ab mai unke samne pura nanga tha.woh boli tera to bhot bada hai.itni umar me itna bada kaise kia. bhabhi boli tuje maine muth marte hue dekha tabhi socha tera lund 1 baar to lena hai.thabi to maine tere sath game khele ne ke bare me socha tha.phir manie bhabhi ka figure pucha to wo boli 38 34 40.
Unki komal ungliya mera lund k upar ghim rahi thi fir unhone mera lund muh me le liya aur chusne lagi.sirf 10 min hue thi k maine apna pani unke muh me chhod dia.woh mera sara pani ander pi gayi.maine kaha sorry wo boli koi baat nahi pehli baar aisa he hota hai pani nikalne k baad bhi mera lund khada tha yeh dekhkar bhabhi khush hui
Aur boli tu aisa kya khata hai.tere bhai to kuch nahi karta lund bhi unka kamzor hai.maine kaha kaise hai.woh boli 4.5 inch ka hai aur patla hai.teri tarah 10,11 inch wala lund he meri pyas bujha saktha hai.mai unke upar aagya aur bhot badi lip kiss ki.unke honth bhi soft mote the.fir unke boobs ko Choos raha tha.muje aisa lag raha tha k koi tarbooj mere hath me ho itne bade the.unko 5 min tak hatho se masal raha tha.

Bhabhi ne muje chut chat ne ko bola aur boli use pura muh me le lene.unki chut pe bhot bade baal the.maine pucha aap ne shaving nahi ki wo boli kya kiske liye karu .tere bhai ki night duty hoti hai aur din ko woh sote hai.sex hamare bech 2 mahino me 1 baar hota hoga. mane unki chut ko shave karne ke bare mai puch to wo boli ki tu mari shave bana de mai teri shave banadeti hoon .
Maae kaha thik hai phir hum dono ne ek dusre ki shave bana de or un ki chut jab saaf ho gayi to ek dum sundar lag rahi thi phir mai unki chut chatna shuru kia woh zor se aahh aaah.ki siskiya le rahi the.unki chut se pani nikal raha tha.5 min tak chatne k bad bhi boli aur chat ise.tab muje laga masi me bhot sex hai.woh boli ander dal apna lund aur raha nahi jara.maine bhabhi ki ankho ko dekha wo ek dum nasheeli ho gayi thi.
Maine jaise thoda ander dala woh aaaaah Ki zoro se sanse le rahi thi.is time unki ankhe bandh thi jase hi mane apna pura lund andar dala bhabhi tadap ne lagi or boli ki bhar nika nahi to mai mar jaugi bhabhi chiki nahi kyo ki bache uth jate phir mai ruck gaya or lip pe kiss karne lag 5 min baad jab bhabhi ka dard kum howa to mane dake dene suru kar diye.
Aur zor se dhakka dene laga.meri bhabhi meri kamar aur baalo pe hath guma rahi thi.15 min tak maine bhabhi ki chut mari aur is doraan bhabhi ek bar pani nikal chuka tha or phir mere sath apna pani bhi nikal diya aur 2 min tak aise he unke upar leta hua thaa.thodi der bad bhabhi boli 69 karte hai .
Maine kaha kya hota hai.,bhabhi boli tu let ja mai tere upar ati hu.meri gand tere muh k upar hogi aur mera muh tere lund ki aur.hum 69 ki positon me agaye unki moti gand mere muh k upar thi.mai unki chut ko chat raha tha aur woh mare lund ko chhoss rahi thi.maine 1 ungli unki gand me dali.muje bahot maza aya gand ka hole ek dum rubber ki tarah lag raha tha.bahot soft tha.

Tabhi maine socha kyuna bhabhi ki gand mari jaye.maine bhabhi ko gand marne k liye bola tab unhone kaha piche bahot dard hota hai.maine pucha bhai ne kabhi pichi kia hai kya/woh boli 1 baar try kia tha par ander nahi jara tha aur dard ho rahA tha.maine kaha dheere dheere dalunga.
Woh man gayi fir maine unhe ghodi banaya aur dalna chaha par ander ja nahi raha tha.tabhi bhabhi boli vaseline ya tel lagakar dal tabhi jayega.tabhi mai dusre room se bajaj almond oil layA aur thoda unki gand pe lagaya aut thoda apna lund pe.fir jaise maine thoda dhhaka dia mera adha lund unki gand ko fadhte hua ander gaya.
Bhabhi zor se chillai aaahh..ahha.boli bahar nikal.maine kaha please 2 minute bas.muje itna acha lag raha tha k bahar nikalne ki icha nahi ho rahi the.maine kaha thada si der dard hoga baad me apko bhi maza ayega.aur unki gand marne laga bhabhi ki gand mane 1 min hi mari thi ki mara pini nikal gaya. our mai bhabhi k upar se hat gaya .
Bhabhi boli tera lund bahot tagda hai.hum bathroom me safai karne gaye aur fir bed pe agaye.ab bhabhi ne nujhe ghoda banne ko kaha.fir me ghoda bana aur bhabhi mere gand ko chat rahi thi.mujhe bhi bhot maza ane laga.5 min tak bhabhi ne meri gand ko chata aur fir ulta leta diya.ab bhabhi meri gand k upar unke boobs ragad rahi thi.maine socha sex me aisa sab bhi hota hai.phir mai bhabhi ki lipstic uthkar
Laya aur phir maine bhabhi ki chut mai lund dala bhabhi phir se boli aaahhhhhh maie kuch nahi kiya aur bhabhi ke lips per lipstic laga kar unhe chusne laga thodi der baad bhabhi ne neeche se apni gaand hilyai to mai uper se dhakke marne laga bhabhi aaahhhh dheere aaa judli juldi aurrrrrr aaa maja aa raha haiii aaaammyaaaaur wo neeche se apni gaand utha rahi thi to maiRuk gaya bhabhi boli kya hua to maine kaha aap kar rahi na to bhabhi ne kaha juldi juldi karo mai phir suru ho gaya bhabhi aahhhhha aur wo shant ho gayi per mera abhi nikla nahi tha to bhabhi boli mai ho gayi hato lag rahi hai lekin me dhakke de raha to aur kaha aap to ho gayi mai nahi aur ye kahate huye bhabhi phir se gaaand utane lagi ulti siddi aabajo ke saath aur hum doni saath mai jad gaye maine bhabhi ko raat mai teen baar choda or chudai kate huye subh
Ke 4 baj gaye phir min aur bhabhi thodi der aise hi ek duse ke saath pade rahe aur phir maine bhabhi ko kareeb pehli baar 10 minute aur dusri baar15-20 minute choda bhabhi ne kaha subh ho gayi tum soo jaao nahi to subha tumhare papa puche gay ki raat may soye nahi to kya kho gay maine kaha bhabhi kesa laga to bhabhi ne kaha aaj muje alag hi maja aaya to maine kaha ise baar apko mera lun chusna padega bhabhi ne kaha thik hai abhi soo jaao mai bhabhi ko lips kis dekar soo gagya app ko meri kahani kessi lagi batana jarur
feedback k liye..... gandikhaniya@gmail.com
babhi or aunties rabta karen... sab kuch secret rakha jye ga
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Monday, 11 December 2017

Bhabhi Ki Khatti Mithi Choot - Hindi Sex Story

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम विनोद है। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है।
मैं इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ।
बात उस समय की है जब मैं कॉलेज के पहले साल में था।
मेरे भैया की शादी मेरे कॉलेज में आने के कुछ ही दिनों बाद तय हो गई और कुछ ही दिनों बाद शादी भी हो गई।
मैं कॉलेज परीक्षा के कारण शादी में नहीं जा सका।
शादी के अगले दिन भैया का फ़ोन आया और उन्होंने मेरी भाभी से बात कराई।
फिर एक दिन उन्होंने भाभी की एक फोटो मुझे ईमेल की।
फोटो में भाभी क्या माल लग रही थी।
मैंने पहली बार में ही फोटो देख कर रूम में मूठ मार ली।
फिर धीरे धीरे भाभी से फ़ोन पर बात होने लगी।
मैंने इशारों ही इशारों में भाभी को बताया कि मैं जवान हो चुका हूँ और मुझे लड़की की जरूरत है।
भाभी बार बार कहती- लड़की के साथ क्या करोगे?
इसी तरह जब एक दिन उन्होंने कहा तो मैंने बोल दिया- जो आप भैया के साथ करती हो…
तो उन्होंने कहा- तुम बिगड़ गए हो।
ऐसे ही भाभी के संग गर्म और खट्टी मीठी बातें करते करते मेरी परीक्षा ख़त्म हुई और मैं घर आ गया।
जब मैंने भाभी को पहली बार देखा तो वो लाल रंग की साड़ी पहने हुए थी, गहरे गले के ब्लाउज में उनके नितम्ब मानो बाहर आने को
बेताब हो रहे थे।
मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया और मैंने किसी तरह उसे संभाला और बाथरूम जाकर मूठ मारी।
अब मैं हर समय इस ताक में रहता कि कब भाभी के संग कुछ करने का मौका मिले।
भाभी भी मुझे सबकी नजरों से बच कर कभी आँख मारती तो कभी मेरे खड़े लंड की ओर इशारा करती।
इसी तरह छः दिन बीत गये।
एक दिन अचानक भैया को किसी काम से बाहर जाना पड़ा।
मैंने सोचा कि मौका अच्छा है अब जल्द ही कुछ करना पड़ेगा।
गर्मियों के दिन थे तो रात को सब नहा कर सोते थे।
उस दिन जब रात को भाभी के नहाने का समय हुआ तो मैं जान बूझ के बाथरूम में चला गया और नंगा होकर नहाने लगा।
मैंने जानकर दरवाज़ा बंद नहीं किया था।
थोड़ी देर बाद भाभी आई और बाथरूम में घुसी।
जब मैंने उनको देखा तो लंड छुपाने का नाटक करते हुए सॉरी बोलने लगा।
मगर उन्होंने कहा- मैं भी तो देखूँ, तुम्हारा कैसा है और जो तुम्हारे भैया मेरे साथ करते हैं वो तुम कर पाओगे या नहीं?
तो मैंने हाथ हटाए और मेरा सात इंच लम्बा और तीन इंच मोटा लंड सामने आ गया।
भाभी मेरे नजदीक आई और लंड सहलाते हुए बोली- वाह देवर जी, यह तो तैयार है।
तो मैंने मौका ना खोते हुए बोला- तो करने दो न मुझे भी?
इस पर वो बोली- अभी मम्मी पापा जगे हुए हैं थोड़ी देर बाद वो सो जायेंगे तब तक मैं नहा कर आती हूँ।
फिर भी मैंने जिद की- कम से कम इसे सुला तो दो!
तो उन्होंने मेरे लंड को मुख में लेकर चूसना शुरु किया और पांच मिनट में मैं उनके मुँह में ही झड़ गया।
फिर मैं अपने कमरे में आकर सो गया।
थोड़ी देर बाद मुझे शरीर पर कुछ रेंगता हुआ लगा।
मैं पलटा तो देखा कि भाभी काले रंग की साड़ी पहने मुझे सहला रही हैं।
मैं तुरंत उनको किस करने लगा तो उन्होंने कहा- देवर जी इतनी क्या जल्दी है, अभी चार दिन हमारे हैं। आपके भैया चार दिन बाद
आयेंगे!
कहते हुए वो मेरी हाथ पकड़ कर मुझे अपने कमरे में ले गई।
अन्दर जाने के साथ मैं उन्हें किस करने लगा।
अब वो भी मुझे एक हवसी की तरह चूमे जा रही थी।
दस मिनट तक चूमने के बाद मैंने उसके कपड़े उतारने शुरु किये।
वो भी मुझे नंगा कर रही थी।
अब वो सिर्फ काले रंग की ब्रा और पैंटी में थी।
उफ़ क्या लग रही थी वो…


मेरा लंड तो अंडरवियर फाड़ कर बाहर आने को आतुर हो रहा था।
फिर मैंने भाभी की ब्रा हटा कर उनके चूचे दबाने शुरु कर दिये, वो भी धीरे धीरे मेरा लंड सहलाने लगी।
अब हम दोनों पूरी तरह नंगे हो चुके थे और मैं अपनी भाभी की चिकनी चूत चाटने लगा।
पता नहीं कैसा खट्टा मीठा नमकीन सा स्वाद था भाभी की गर्म और गीली चूत का !
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
फिर 69 में आकर हम दोनों ने आठ मिनट तक एक दूसरे को चूम-चाट कर मज़ा दिया।
अब वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और बोलने लगी- जल्दी से चोद दो मुझे…
तो मैंने अपना लंड चूत से रगड़ते हुए एक ही झटके में आधा अन्दर डाल दिया।
वो बोली- आराम से डालो… दर्द होता है।
थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने दूसरा झटका लगाया और पूरा लंड अन्दर डाल दिया।
अब मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा।
करीब दस मिनट तक चोदने के बाद मैं उनकी बुर में ही झड़ गया।
इस तरह मैंने अगले चार दिन तक दिन रात 9 बार अपनी भाभी को चोदा।
फिर भैया भी आ गए और मेरी छुट्टियाँ भी ख़त्म हो गई।
अब मैंने कैसे भाभी की बहन को चोदा, वो अगली कहानी में…

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Saturday, 9 December 2017

Christmas Par Bhabhi Chudwane Aa Gai - Hindi Sex Story

मेरा नाम अनूप है.. मैं 27 साल का हूँ.. मेरी लम्बाई 5 फुट 6 इंच है और जरा सांवला हूँ।
मैं काफी समय से अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ता आया हूँ और अब अपनी भी एक सच्ची कहानी लिखने की हिम्मत कर रहा हूँ।
मेरा घर दिल्ली रोहिणी में है। मेरे घर में मैं मेरे माता-पिता के साथ रहता हूँ।
मेरा घर 3 मंजिल का है.. मेरा कमरा सबसे ऊपर की मंजिल पर पढ़ने के हिसाब से है.. क्योंकि मैं बैंक एग्जाम की तैयारी कर रहा हूँ।
घर में सबसे नीचे मम्मी-पापा रहते हैं और पहली-दूसरी मंजिल पर किरायेदार हैं जो कि दोनों नवविवाहित जोड़े हैं।
दूसरी मंजिल पर जो किरायेदार थे वो भैया दिल्ली पुलिस में थे और उनकी पत्नी जो कि 23 साल की थीं.. उनका नाम पल्लवी भाभी था।
वो भी बैंक जॉब की तैयारी कर रही थीं तो हम दोनों अक्सर साथ बैठकर पढ़ते भी थे। पहली मंजिल वाली भाभी का नाम पायल था.. उनके बारे में अगली बार बताऊँगा।
तो पल्लवी भाभी के बारे में बता दूँ.. वो 5.5 फुट की लम्बाई वाली लम्बे बालों वाली बहुत ही सुन्दर और कामुक माल थीं… नेट वाली साड़ी और गहरे गले का ब्लाउज पहनती थीं.. वो और हमेशा गहरा मेकअप करती थीं।
उनकी काली आँखें काजल, मश्कारे से और कातिल लगती थीं और गाल लाल और हमेशा साड़ी के मैच की लिपस्टिक.. अधिकतर महरून और लाल ही लगाती थीं.. जो उनके कंटीले हुस्न को और अधिक कंटीला बना देता था।
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मैं ऊपर छत पर कई बार उनकी सूखती हुई ब्रा-पैन्टी में सूँघता था और शायद कई बार उन्होंने मुझे छुपकर देख भी लिया था।
वैसे बता दूँ कि उनके पति पुलिस में थे तो अक्सर रात की ड्यूटी हुआ करती थी।
मैं छत पर होता था.. तो भाभी अक्सर मेरे कमरे में पढ़ने आ जाती थीं।
यह 25 दिसम्बर 2012 की बात है.. मैं अपने कमरे में बैठा था.. भाभी भी आ गईं।
उन्होंने गुलाबी नाइटी पहनी हुई थी.. डार्क मेकअप किया हुआ था.. बाल खुले हुए थे..
वो आकर मेरे पास बैठ गईं और मुझसे बातें करने लगीं।
भाभी- क्यों अनूप.. तुम आज अपने दोस्तों के साथ क्रिसमस मनाने नहीं गए?
मैं- भाभी क्या क्रिसमस मनाऊँ.. अगले माह बैंक का एग्जाम है और अभी पढ़ाई और भी करनी है।
भाभी- हाँ ये तो है.. वैसे मैं शादी से पहले अपनी सहेलियों के साथ हर फेस्टिवल मनाती थी.. हम खूब मस्ती करते थे।
मैंने छेड़ते हुए कहा- हाँ.. भाभी आप तो अब भी भैया के साथ मस्ती करती हो..
भाभी- अच्छा जी.. तो आप भी कर लो मेरे साथ.. मस्ती…
मैं- मेरी ऐसी किस्मत कहाँ भाभी..
भाभी- अच्छा सुनो.. तुम्हारे भैया मेरे लिए वोदका लेकर आए थे.. वो रखी है.. बोलो पियोगे?
मैं- हाँ भाभी आप पिलाओगी.. तो पी लूँगा..
भाभी- ठीक है चलो मेरे कमरे में चलते हैं।
मैं- ओके चलो..
हम भाभी के कमरे में गए।
मैं बिस्तर पर बैठ गया.. भाभी दो गिलास और ‘मैजिक मोमेंट’ वोदका की बोतल ले आईं और साथ में कुछ काजू.. बादाम, कोक और नमकीन भी ले आईं।
उन्होंने दो हैवी पैग बनाए.. हम दोनों ने चियर्स बोला और पैग पिया और एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे।
भाभी ने पूछा- क्यों.. कुछ हुआ?
मैंने कहा- नहीं तो..
तो उन्होंने एक-एक पैग और बनाया और वो भी हमने पी लिया।
भाभी ने पूछा- सिगरेट पियोगे?
मैंने कहा- मेरे पास तो नहीं है।
तो भाभी ने बिस्तर के दराज से लेडीज सिगरेट निकाली और जला कर लम्बा कश लगाया.. और फिर मुझे दे दी.. मैंने भी एक लम्बा कश लगाया।
अब मुझे चढ़ने लगी थी.. मुझे भाभी कुछ ज्यादा ही सुन्दर लगने लगीं।
भाभी ने मुझसे पूछा- मैं तुम्हें कैसी लगती हूँ?
तो मैंने कहा- आप मुझे बहुत सुन्दर और सेक्सी लगती हो..
भाभी ने पूछा- छुप कर मेरी ब्रा-पैन्टी का क्या करते हो?
मुझे झटका लगा- भाभी, आपको कैसे पता?
तो उन्होंने कहा- मुझे सब पता है.. सब मर्द एक जैसे ही तो होते हैं।
मैंने कहा- भाभी मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो.. इसलिए पर किसी को बताना मत प्लीज..
तो भाभी ने झुकते हुए अपनी घाटियों के दर्शन कराए और इतराते हुए कहा- नहीं बताऊँगी.. पर तुम एक काम करोगे मेरा?
उनके मम्मे देख कर मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा.. मैंने कहा- हाँ भाभी करूँगा..
तब भाभी ने अपनी मैक्सी उतार दी मेरे होश उड़ गए… उन्होंने गुलाबी ब्रा पहनी हुई थी और उसका शरीर दूध से ज्यादा गोरा चमक रहा था।
भाभी ने कहा- जो मेरी ब्रा के साथ छुपकर करते हो.. मेरे सामने खुलकर अभी करो..
मेरे हाथ और पूरा शरीर कांप रहा था.. मैंने कांपते हाथों से उनकी ब्रा पर हाथ फेरना शुरू किया.. तो उन्होंने मुझे खींचकर अपने से
चिपका लिया और मेरे कान में कहा- जानू डरो मत.. आज मैं तुम्हें मर्द बना दूँगी..
और मेरे और उनके होंठ एक-दूसरे के करीब आ गए और आपस में एक-दूसरे में मिल गए।
वो मेरे होंठों को चूस रही थी.. मेरे हाथ भी खुद उनकी चूचियो

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Tuesday, 5 December 2017

Ameer Lekin Choot Chudai ki Pyasi Bhabhi - Hindi Sex Story

प्रेषक : अरविन्द कुमार
यह कहानी मेरे एक इमेल मित्र सौरभ की है, उसके कहने पर मैंने लिखी है, उसी के शब्दों में कहानी पेश कर रहा हूँ…
नमस्ते मित्रो, मेरा नाम सौरभ है, मैं जब स्कूल में पढ़ता था, तब से अन्तर्वासना का रीडर हूँ।
मैं लखनऊ शहर उत्तर प्रदेश में रहता हूँ।
यह मेरी पहली कहानी है, अगर कुछ कमी हो तो माफ़ करना।
कहानी मेरी और एक 28 साल की विवाहिता स्त्री की है जिसका नाम विद्या है, यह काल्पनिक नाम है।
विद्या एक 28 साल सुन्दर मनमोहक, गोरी, हाइट 5’6″ के लगभग, पतली सी पर उसके वक्ष मस्त सुडौल 32 साइज़ के हैं।
कमर तो पूछो मत इतनी नाहुक कि कोई देखे तो पागल हो जाए, चूतड़ वो मोटे मोटे…
उसका पति एक कम्पनी का मालिक है।
मैं हमेशा एक नेटवर्किंग साईट पे लखनऊ बॉय के नाम से कमेन्ट करता था कि किसी भाभी, आंटी, डिवोर्सी, विधवा को सेक्स या अच्छी फ्रेंडशिप की जरूरत हो तो लखनऊ बॉय से संपर्क करें।
और आगे मैं मेरा मोबाइल नंबर डालता था।
शुरुआत में मुझे बहुत दूर से मिस कॉल या मैसेज आते थे भाभी और लड़कियों के।
एक दिन मुझे रात को 9:30 को एक कॉल आई।
मैं समझ गया कि यह किसी लड़की या भाभी का होगा।
मैंने रिसीव किया।
उधर से एक महिला की आवाज आई।
उसने पूछा- क्या मैं लखनऊ बॉय से बात कर सकती हूँ?
मैंने कहा- मैं क्या मदद कर सकता हूँ आपकी?
वो- जी मैंने आपका नंबर नेट से लिया है, क्या मेरे साथ आप फ्रेंडशिप करोगे?
मैं- जी बिल्कुल… जरूर करूँगा… आपका नाम और सिटी?
वो- जी मेरा नाम विद्या है और मैं लखनऊ की ही रहने वाली हूँ।
मैं- वाह… मैं भी लखनऊ का हूँ।
मैं बहुत खुश था क्यूँकि यह पहली महिला थी लखनऊ से…
मैं बोला- कहिये आपकी किस तरह सेवा करूँ?
विद्या और मैं उस रात बहुत देर तक बातें करते रहे।
उसने बताया कि उसका पति हमेशा काम की वजह से बाहर रहता है।
और आजकल वो अकेलापन महसूस करती है।
फिर हमारी रोज बातें होने लगी और कुछ दिनों में हम सेक्स की बाते करने लगे।
एक दिन उसने कहा- क्या तुम मुझे सेक्स का सुख दोगे?
मैंने हाँ कहा।
फिर उसने मुझे अपने घर का पता दिया जो मेरे घर से ज्यादा दूर नहीं था, मस्त लखनऊ का पोश एरिया था।
मैं अगले ही दिन उसके घर पहुँचा, बेल बजाई।
जैसे ही दरवाजा खुला, मैं उसे देखत़ा रह गया।
क्या सुन्दर थी वो…
उसने मुझे अन्दर बुलाया।
उसका घर अन्दर से बहुत खूबसूरत और कीमती बनावट का था।
और विद्या को तो मैं देखता ही रहा।
उसका गोरा रंग, पतली कमर, मस्त टाईट बूब्स।
हे भगवान… मैं तो पागल हो गया।
फिर उसने मुझे जूस पिलाया, बातों बातों में घर दिखाया और आखिर में हम बेडरूम में आ गये।
वो मेरे पास आई, मैंने देर ना करते हुए उसे अपनी बाहों में पकड़ लिया, उसके होटों को चूमने लगा, वो भी मेरा सहयोग दे रही थी।
पन्द्रह मिनट की चूमाचाटी के बाद मैंने उसके बूब्स दबाने शुरु किये।
क्या कड़क थे उसके बूब्स।
मस्त गोल…
हम दोनों का पूरा शरीर एक दूसरे पे घिस रहा था।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और अपने कपड़े निकाल दिए।
उसने भी अपनी साड़ी ब्लाउज़ पेटीकोट निकाल दिया।
और अब वो सिर्फ लाल ब्रा और सफ़ेद पेंटी में थी।
उसकी चमकदार जांघें, मस्त सपाट पेट, पेंटी जैसे सिर्फ उसकी चूत को ढके हुये थी।
उसका चहेरा लाल हो चुका था।
मैंने झट से उसकी पेंटी उतार फेंकी और मस्त छोटी दो इंच की चूत के साथ हाथ से खेलने लगा और फ़िर चाटने लगा।
उसकी चूत चाटने में मस्त खारी लग रही थी।
बीस मिनट मैं विद्या की चूत चाटता रहा।
वो अपने बूब्स खुद ही दबाती रही।
फिर वो झड़ गई।
मैं उसका सारा पानी साफ कर गया।
मैंने मेरा लंड इतना बड़ा कभी नहीं देखा था, फ़ूल के 7 इंच का हो गया था।
विद्या ने उसे कुछ देर मसला, चूमा, हिलाया और झट से मुख में लेकर चूसने लगी।
वो चूसने में इतनी माहिर तो नहीं लग रही थी पर पूरी तरह खो चुकी थी लंड चूसने में…
मैं भी इतना एक्साईट हो चुका था कि कब उसके मुँह में पानी निकाल दिया, पता नहीं चला।
और वो पूरा पानी पी गई।
पूरा लंड साफ कर दिया।
कुछ देर बाद मेरा लंड टाईट हो गया था।
उसने अपने पैर फ़ैला करके मेरा लंड अपनी छोटी चूत पे रखा।
मैंने धीरे धीरे अपना आधा लंड अन्दर घुसाया।
थोड़ा अन्दर जाने के बाद अब नहीं जा रहा था आगे।
मैंने फिर लंड थोड़ा पीछे खींचा और आगे झटका दिया।
वो चीख उठी और उसकी आँखों से आँसू आने लगे।
मैं थोड़ा रुका और धीरे धीरे झटके लगाने लगा।
उसकी चूत मस्त टाइट थी।
मैं उसे 20 मिनट तक चोदता रहा और बाद में पानी उसकी चूत में निकाल दिया।
उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव नजर आ रहे थे।
फिर एक घंटा हम चिपक कर सो गये।
बाद में उसने मुझे उठाया और एक ग्लास दूध दिया पीने को।
दूध पीने के बाद मैंने कपड़े पहने और उसके लबों पर चुम्बन किया और आने लगा।
उसनेजाते जाते मुझे पांच हजार रुपये दिए जो मैंने वापस कर दिए।
और फिर हम दोनों जब भी वक्त मिलता, मस्त चुदाई करते।
अपनी राय मुझे जरूर मेल करें।
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Monday, 4 December 2017

Holi Par Bhabhi Chudwane Aa Gai - Hindi Sex Story

आप सभी सुधि पाठकों को मेरा प्रणाम
आशा करता हूँ आप सब मस्त होंगे.. सबके लंड और चूतों ने खूब जमकर होली खेली होगी।
मेरी कहानी आप सबको पसन्द आई, आप सभी के मुझे काफी ईमेल मिल रहे हैं.. उन सबके लिए आपका धन्यवाद।
अब कहानी पर आते हैं..
जैसा कि मैंने बताया था कि मैंने रात को पायल भाभी को घुप्प अँधेरे में चोद दिया.. तो अगला दिन होली रंग खेलने का था।
मैं सुबह दस बजे करीब उठा.. पूरा जिस्म तरोताजा महसूस हो रहा था। यार बहुत दिनों बाद चूत मारी थी न.. इसलिए…
नीचे जाकर मम्मी-पापा को रंग लगाया होली का आशीर्वाद लिया, फिर ऊपर आया तो पायल भाभी के पति ने मुझे रंग लगाया.. हम गले मिले, पायल भी आ गई.. मैं उसे देखकर थोड़ा नज़रें चुरा रहा था।
इस पर वो ज़ालिम कातिलाना हँसी हँसते हुए आई और मेरे चेहरे पर रंग लगाकर धीरे से कहने लगी- क्यों शर्मा रहे हो.. जब छोटी होली.. भाभी संग खेल ली.. तो अब बड़ी होली पर रंग नहीं लगाओगे जी?
मैं समझ गया कि भाभी को सब कुछ पता है कि रात को उनकी चूत को चोदने वाला में ही था।
खैर.. मैंने उनके गालों पर गुलाल लगाया और अपने कमरे में चला गया।
यहाँ मैं बता दूँ कि मुझे बाहर जाकर होली खेलना पसंद नहीं है।
बारह बजे करीब मेरे तीन पक्के दोस्त ओसी ब्लू की दारू की बोतल लेकर आए।
हमने वो बोतल खोली.. चक्खने में गुजिया.. भुजिया थी।
हम लोग हो गए शुरू.. हम तीनों ने पूरी बोतल खत्म की और वो तीनों चले गए।
अब में अपने कमरे में रात की मस्त चुदाई को याद करके अपना लंड सहला रहा था और सहलाते हुए मुठ मार ली और झड़ गया.. और ऐसे ही लेट गया।
फिर 2 बजे करीब भाभी ऊपर आई.. उनके हाथ में एक कटोरी थी।
भाभी कमरे के बाहर खड़ी थी।
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मैंने उन्हें देखा.. तो लंड खड़ा हो गया, साली डीप गले का कुरता पहने हुए थी.. जो बहुत ज्यादा सा फटा हुआ था.. पता नहीं किस रंग का था.. क्योंकि वो बहुत ज्यादा रंग में रंगी हुई थी.. उसके बाल खुले थे.. चूतड़ों तक आ रहे थे।
भाभी बोली- अनूप जी.. ये चिकन बनाया है.. आपके लिए लाई हूँ.. अन्दर आ जाऊँ क्या?
मैं- हाँ भाभी.. आओ ना.. बाहर क्यों खड़ी हो।
मैंने पी तो ली थी.. तो अब मैं अपनी फॉर्म में था.. शर्म तो जैसे माँ-चुदाने चली गई थी।
भाभी झूमते हुए अन्दर आकर कटोरी टेबल पर रखकर मेरे पास बिस्तर पर बैठ गई।
मैंने कहा- क्यों भाभी.. भैया ने तो पूरा रंग दिया आपको.. खूब होली खेली है…
भाभी- अरे क्या बताऊँ.. वे तो सुबह से ही दारू पी रहे हैं.. अब होली खेलने का टाइम आया तो औंधे हो कर सो गए.. अब रात को उठेंगे.. तब तक तो होली खत्म ही हो जाएगी।
मैं- अरे.. तो आपको ये रंग किसने लगाया?
भाभी ने इतराते और इठलाते हुए कहा- ये तो पड़ोस वाली भाभी और इनके कुछ दोस्त आए थे.. तो सुबह से सब रंग ही लगा रहे हैं.. पर जिसने कल रात को रंग लगाया था.. वो आज रंग लगाने में शर्मा रहा है…
मैं- भाभी कहाँ खेल ली आपने रात को होली?
भाभी मेरे लंड पर हाथ रखती हुई बोली- मुझे इतनी अनाड़ी और खुद को इतने बड़े खिलाड़ी ना समझो अनूप जी.. मेरी नज़र आप पर जब से है.. जब उस कुतिया पल्लवी के साथ तुम मज़े ले रहे थे…
मैं- भाभी ठीक तो हो.. ‘पी-वी’ कर आई हो क्या?
भाभी- हाँ.. वो तो सो गए और तुम्हारे पास आकर कल रात की बात करनी थी.. तो मैंने भी दो-तीन पैग पटियाला वाले खींच लिए.. कल रात मेरे पास तुम भी तो पी कर आए थे.. है ना?
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मैंने सोचा भाभी को जब सब पता ही है तो खुलकर बात करते हैं।
‘भाभी सच कहूँ.. तो आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.. आपको देखकर ही कुछ हो जाता है। कल रात जो भी हुआ आपकी मर्जी से हुआ.. है ना?’
भाभी- हाँ जी जनाब.. हमारी मर्जी से हुआ है सब.. किसी की हिम्मत नहीं जो बिना मेरी मर्जी के मुझे छू ले।
भाभी बातों-बातों में मेरी बैल्ट और ज़िप खोलकर पैन्ट नीचे सरका चुकी थीं और हाथों से मेरा लंड सहला रही थीं।
मैं- भाभी कोई आ जाएगा.. जाओ पहले दरवाजा तो बंद कर दो और छत की तरफ का दरवाज़ा भी बंद कर दो।
भाभी बाहर गई.. दरवाज़ा बंद करके बाथरूम में होकर आई और कमरे का दरवाज़ा बंद करके मेरे पास आई और अचानक मेरे चेहरे पर ढेर सारा रंग मलने लगी।
मैंने भी उन्हें जकड़ लिया और उठाकर बिस्तर पर पटक दिया।
अगले ही पल मैंने उनके ऊपर चढ़कर उनके दोनों हाथ पकड़े.. ऊँगलियों में ऊँगलियां फंसाई और उनके रंगे हुए होंठों पर अपने होंठ रख दिए और जो चूसना शुरू किया तो पूछो मत।
दोनों ने दारू पी हुई थी.. एक-दूसरे के होंठों को.. जीभ को.. बुरी तरह चूस रहे थे। मेरे मुँह में उसका जो रंग आ रहा था.. मैं उनके मुँह में ही थूक रहा था.. वो चाट रही थी। मैंने उनके गालों को.. कानों को.. गले को.. हर जगह चूसा.. गरदन पर जमकर काटा।
जब कुरता को फटा देखा तो मैंने पूछा- भाभी ये फटा कैसे?
तो उन्होंने बोला- मेरे ‘वो’ दारू में धुत थेरंग लगाते टाइम फाड़ दिया…
मैंने भी उन्हें आँख मारी और चूचियों के बीच में हाथ डालकर ब्रा से लेकर कुरता पूरा नीचे तक फाड़ दिया।
भाभी के मुँह से निकला- हाय जानू.. तुम पागल हो गए हो क्या?’
मैंने उनकी सलवार का नाड़ा भी तोड़ दिया और सलवार खींच कर उतार दी। अगले कुछ पलों में मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और भाभी के चूचे चूसने लगा।
वो मेरा सर पकड़ कर चूचों पर दबा रही थी.. वाह उसके चूचों की चुसाई में क्या मज़ा था।
अब भाभी ने मुझे लिटाया और धीरे से मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया। वो सिर्फ सुपारा ही अन्दर ले पा रही थी और सच कहूँ तो सुपारा चूसने की कोशिश कर रही थी.. पर उनके चूसने के तरीके से मुझे कुछ मज़ा नहीं आ रहा था।
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तो मैंने उन्हें उठाया और उन्हें नीचे खड़ा करके बिस्तर पर झुका कर घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी गीली चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा।
वाह.. उनकी मलाई वाली चूत कितनी गीली थी.. जी हाँ उनकी चूत का नाम मैंने मलाई वाली चूत रखा हुआ था जो उन्हें भी पसंद आया…
भाभी ने कहा- जानू अब तड़पाओ मत.. घुसेड़ दो.. अपना शेरू मेरी गुफ़ा में…
मैंने कहा- ले जानू.. ले..
और इतना कहते ही मैंने एक धक्का मारा और गीली मलाईदार चूत में लंड फिसलता हुआ सीधा बच्चेदानी से जा टकराया…
भाभी के मुँह से सिर्फ ‘उईईईईई माँ.. मर गई..’ इतना निकला और तुरंत बोली- चोदो जानू.. खूब जोर से.. आज मेरी चूत को खूब होली खिलाओ…’
मैंने तेज़-तेज़ झटके लगाने शुरू किए।
‘फच.. फच.. फट.. फट..’ के साथ उसके मुँह से- आह्ह्ह ओह्हह्हह्ह.. हाय मर गई.. उईइम्ममाआअ.. जोर से चोदो…
उसकी इन आवाजों से कमरा गूंज रहा था। नीचे गली में तेज आवाज में डीजे बज रहा था क्योंकि होली थी.. तो हमें कोई टेंशन नहीं थी।
मैंने भाभी के लम्बे बाल पकड़ कर तेज़-तेज़ धक्के लगाए…
‘भाभी तेरी चूत आज फाड़ दूँगा.. ले साली और ले.. आह्ह्ह ले.. आह…’
यही सब चल रहा था कि भाभी बोली- बस करो जान.. अब बस करो.. मैं झड़ गई हूँ.. मेरी चूत झड़ गई रे.. तूने मार दिया रे.. मेरी बहुत बुरी तरह झड़ी है.. छोड़ दे.. अब तेरे लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं होती.. निकाल लो प्लीज़…’
‘पर जान.. मेरा तो अभी झड़ा ही नहीं है.. मैं क्या करूँ?’
‘मेरे मुँह में झाड़ लेना प्लीज़…’ भाभी ने कहा।
मेरे दिमाग में एक मस्त ख्याल आया कि आज भाभी की मोटी गाण्ड भेदी जाए।
मैंने कहा- हाँ भाभी.. निकाल तो लूँगा.. पर फिर गाण्ड मारूँगा.. वहीं अपना माल निकालूँगा।
‘पर मैंने तो आज तक नहीं मरवाई जानू..’ भाभी बोली।
‘तो आज मेरी ख़ुशी के लिए मरवा लो …’
मैंने लंड चूत से बाहर निकाल लिया और उन्हें बाँहों में भरकर बोला- जानू.. मैंने आज तक किसी की गाण्ड नहीं मारी.. तुम प्लीज़ गाण्ड दे दो.. मैं बहुत प्यार से आराम से मारूँगा.. जानू प्लीज़…
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भाभी राजी हो गई- ठीक है.. पर आराम से…’
मैंने उन्हें चूमा और बिस्तर पर उल्टा लेटा दिया और वैसलीन लेकर खूब सारी उनकी गाण्ड में भर दी।
फिर उसकी गाण्ड में एक ऊँगली डाली.. भाभी थोड़ी कसमसाई- उईइ आराम से…’
मैंने धीरे-धीरे ऊँगली अन्दर-बाहर की.. फिर दूसरी ऊँगली डाल दी और वैसलीन अच्छे से गाण्ड में अन्दर तक भर दी।
भाभी शांत लेटी थी.. अब मैं अपनी पोज़ीशन में आया.. अपने लंड पर भी वैसलीन लगा ली थी।
मैंने उनकी टाइट गाण्ड पर लंड रखा और भाभी ने डर कर कहा- आराम से करना जान..
मैंने कहा- ठीक है मेरी जान.. बस तुम थोड़ा दर्द सह लेना।
मैंने लंड उनकी गाण्ड के छेद पर लगा कर हल्के से अन्दर घुसाया.. भाभी उछल पड़ी- आउच.. आराम से…
मैंने कहा- ठीक है।
मैंने भाभी की कमर को कसकर पकड़ लिया और उनकी टांगों पर अपने मुड़े हुए घुटने रख दिए और एक जोर का झटका देकर लंड गाण्ड की गहराइयों में उतार दिया।
भाभी जोर से चिल्लाई- मर गय्यी..ईईई.. ईईईईईईईइ…
वो अपने दांत भींच कर चुपचाप तकिए में सर दबा कर रोने लगी।
मेरा पूरा लंड उसकी गाण्ड में था। मैं उनकी पीठ सहला रहा था।
‘भाभी सॉरी.. अब सब ठीक है.. प्लीज़ आप रो मत.. आई लव यू जान…’
करीब पांच मिनट में वो नार्मल हो गई और बोली- जान.. तुम्हारे लिए सब करुँगी.. अब मैं ठीक हूँ.. तुम चुदाई शुरू करो।
मैंने लंड थोड़ा बाहर खींचा.. फिर अन्दर किया।
हाय टाइट गाण्ड का बजाना.. क्या मज़ा था.. बता नहीं सकता.. चूत से 100 गुना ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मैंने धीरे-धीरे उसकी गाण्ड में धक्के लगाने शुरू कर दिए। बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था।
भाभी ने पूछा- क्यों जी.. मज़ा आ रहा है आपको?
मैंने कहा- भाभी.. चुप रहो बस.. ये मज़ा मुझे भोगने दो…
वो हँस दी.. कहा- जी जनाब.. मेरी गाण्ड चोदने का मजा लीजिए।
मुझे गाण्ड चोदते-चोदते दस मिनट ही हुए होंगे कि लंड अकड़ गया और मेरा सारा लावा उनकी गाण्ड में फूट गया।
‘पच.. पच..’ करके पूरा माल निकल गया।
वो मज़ा अनमोल था.. वाह क्या मज़ा है गाण्ड चोदने का.. आज मुझे महसूस हुआ कि औरत की गाण्ड देखकर ही लंड अपने आप क्यों खड़ा हो जाता है क्योंकि गाण्ड में जाकर ही लंड को असली सुख मिलता है।
फिर मैंने चार बजे तक भाभी को दो बार और चोदा.. गाण्ड भी बजाई और मलाईदार चूत भी चोदी.. दोनों खूब मारी।
अब भाभी तो मेरे लौड़े की कायल हो ही गई थी.. पर अभी आगे भी मैंने कई चुदाईयाँ की हैं।
वो आगे की कहानियों में बताऊँगा।
धन्यवाद।
मुझे उम्मीद है कि आप सबको कहानी पसंद आई होगी.. आप अपने सुझावों के लिए मुझे ईमेल करें।



Sunday, 3 December 2017

भाभी का नंगा गोरा बदन - Bhabhi Ka Nanga Gora Badan | Hindi Sex Story

राहुल राय
दोस्तो, आप सबको मेरा नमस्ते, मैं राहुल हूँ, मेरी उम्र 25 साल है, रंग गोरा है।
मैं आपके लिए अपनी और मेरी भाभी की कहानी लाया हूँ, यह मेरी पहली कहानी है।
मेरी प्यारी भाभी का नाम आरती है, वो बहुत सुन्दर और गोरी है, भैया प्रॉपर्टी का काम करते हैं, वो घर से बाहर ही रहते हैं, घर पर मैं, भाभी मॉम-डैड रहते हैं, मुझे सेक्स में बहुत दिलचस्पी है, सेक्सी मूवीज देखना, करीना कपूर, कैटरीना कैफ़, सोनक्षी सिन्हा, आलिया भट्ट, ऐश्वर्या राय, बिपाशा बसु, प्रियंका चोपड़ा अदिति राव जैसी एक्ट्रेस को नंगी देखना… उफ्फ! मैं अपने रूम में सनी लियोनी की सेक्सी मूवी देख कर अपना प्यारा लिंग सहलाता रहता था, अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है।
धीरे धीरे मैं अपनी भाभी को चाहने लगा, उनका गोरा बदन, रसीली चूचियाँ, प्यारे प्यारे चूतड़ क़यामत हैं। जब भी भाभी साड़ी पहनती तो मेरे मन में भाभी को प्यार करने के अरमान जग जाते थे, हर पल भाभी को देखने का मन करता।
एक दिन बाथरूम में पानी नहीं आ रहा था, मैं भाभी के बाथरूम में जाने लगा, रूम में भाभी नहीं थी, अचानक भाभी बाथरूम से बाहर निकली मैं तो भाभी को देखता ही रह गया!
गीले बाल, गोरी बाहों से पानी टपक रहा था, भाभी बोली- राहुल, यहाँ क्या कर रहे हो?
तो मैंने बताया- पानी नहीं आ रहा बाथरूम में…
तो भाभी ने कहा- तो तुम यहाँ नहा लो।
और मुस्कुरा कर चली गई।
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मैं जल्दी से बाथरूम में आया और नंगा हो गया फिर मैंने देखा कि भाभी की ब्रा और पैंटी टंगी है। मैंने पैंटी को सूंघा तो बहुत मस्त महक थी, मेरा लण्ड खड़ा हो गया, मैंने लण्ड को भाभी की पैंटी से रगड़ना शुरू किया, थोड़ी देर में मेरा रस निकल गया, बहुत मज़ा आया।
फिर मैं जल्दी से नहाया और बाहर आ गया।
अब तो मैं और पागल हो गया भाभी को चोदने के लिए, भाभी के साथ काम करवाते वक्त मैं भाभी के चूतड़ों पर हाथ फेर देता था और लिंग को भी छुआ देता था, भाभी कुछ नहीं कहती थी।
एक दिन हम दोनों टीवी देख रहे थे, भाभी बोली- मैं नहा लूँ, फिर आती हूँ।
और मुस्कुरा कर चली, मैंने सोचा कि भाभी को नहाते हुए देख लूँ, पहले भी मैंने भाभी को नहाते देखा था तो थोड़ी देर में मैं भी भाभी के रूम में गया, भाभी भी नहा रही थी, मुझे पता था कि भाभी रूम में ही आकर कपड़े पहनती हैं तो मैं की-होल से भाभी को देखने लगा।
भाभी मस्त होकर नहा रही थी, अपने गोरे बदन को सहला रही थी।
जब भाभी नहा ली तो मैं रूम में ही छुप गया भाभी के बेड के पीछे… मेरे दिल की धड़कनें बढ़ गई… कसम से दोस्तो, मैं बहुत गर्म हो गया।
भाभी बाहर आई… उफ्फ्फ…! क्या लग रही थी… टावल में थी… गोरी बाहें, जांघें गीली थी, बालों से पानी टपक रहा था। इनकी चूत कैसी होगी, यही सोच रहा था मैं!
भाभी आईने के सामने बैठ गई और खुद को संवारने लगी।
मैंने धीरे धीरे अपने कपड़े उतार दिए और लिंग को सहलाने लगा भाभी को देख कर…
भाभी बालों में कंघी करके बेड पर आ गई और टावल को खोल दिया।
उफ्फ… उनकी नंगी गोरी कमर मेरे सामने थी… जी कर रहा था कि अब जाकर भाभी को चूम लूँ…
भाभी ऐसे ही लेट गई, उनकी चूचियाँ हाय रे… सन्नी लियॉन जैसी… अअअह गोरी मुलायम चूचियाँ…
भाभी ने लोशन की शीशी में ऊँगली करके अपनी चूत में डाल दी और जोर जोर से हिलाने लगी।
भाभी बहुत प्यासी थी।
मेरे कान तो तब खड़े हो गए जब भाभी ने बोलना शुरू किया- राहुल… अपनी भाभी को चोद दे…
उफ्फ्फ्फ़!! भाभी अपनी आँखें बन्द करके बड़बड़ा रही थी!
अब मेरा डर दूर हो गया और ख़ुशी भी हुई, अब मैंने सोच लिया कि यही मौका है, मैं धीरे से बेड के पीछे से निकल कर भाभी के सामने आया और भाभी की जांघों को चूम लिया।
मेरे चूमते ही भाभी ने आँखें खोली तो भाभी डर गई और खुद को छुपाने लगी।
मैंने भी जल्दी से भाभी को अपनी बाहों में भर लिया।
भाभी भी डर से सहमी थी, मुझे भाभी डराने लगी- यहाँ कैसे आये? तुम्हें शर्म नहीं आती? ये सब क्या कर रहे हो?
तो मैंने बताया- भाभी, मैं आपको शुरू से ही पसन्द करता हूँ, आज मौका मिला है प्यार करने का और आप भी मेरे नाम की ऊँगली कर रही हो… भाभी, आप बहुत सुन्दर हो, मैं आपसे प्यार करना चाहता हूँ।

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भाभी ने तौलिये से अपना सेक्सी बदन छुपा लिया और मैं नंगा था, मेरा लिंग मस्त होकर हवा में लहरा रहा था, भाभी मेरे लिंग को ही देख रही थी।
मैं भाभी की टाँगों को पकड़ने लगा तो वे बोली- भाग जाओ यहाँ से… नहीं तो मैं तेरे भैया को बता दूँगी।
मुझे पता था कि भाभी मुझे डरा रही हैं पर मैं भाभी से दूर नहीं हुआ, मैंने सेक्सी बातें की- भाभी, आप बहुत मस्त हो, आपकी चूचियाँ चूतड़ कूल्हे मुझे बहुत पसन्द हैं। एक बार भाभी, मुझ पर दया करो… भाभी, आपको बहुत मज़ा दूंगा।भाभी धीरे धीरे मुस्कुरा रही थी, मैं भी जोश में आ गया और भाभी से चिपक गया और चूमने लगा।
उफ्फ्फ… पहला एहसास था यह मेरा… भाभी बहुत नरम थी मेरा लिंग भाभी के चूतड़ों में सट गया।
क्या मस्त गदेदार चूतड़ थे…
भाभी सिसकारियाँ लेने लगी।
‘भाभी, आप चुदना चाहती थी ना मुझसे?’
भाभी ने कहा- बहुत जल्दी समझ गए राहुल… मैं तो कब से इंतज़ार में थी, तुम ही नहीं कुछ कर रहे थे?
‘मैं क्या करू भाभी… आपको नंगी तो बहुत देखा, पर चोदने की हिमत नहीं हुई!!’
भाभी- हाँ मुझे पता है, तुमने मुझे नंगी देखा है पर उससे पहले मैंने ही तुम्हें नंगा देखा है।
मैं शॉक था कि कैसे!!
तो भाभी ने बताया- जब तुम नहाने आये थे और पैंटी में मुठ भी मारी थी, मुझे बहुत अच्छा लगा।
मैं जोर जोर से भाभी को दबाने लगा तो भाभी बोली- आराम से करो ना… आआअह, दर्द हो रहा है।
‘भाभी, बहुत प्यास है आपके लिए… बहुत दिन में बुझेगी या नहीं पता नहीं… आआआअह… आप बहुत नशीली हो!’
मैं जगह जगह भाभी को चूमने लगा, भाभी की चूचियों के निपल्स चूसता और काटता, फिर धीरे धीरे भाभी के गोरे पेट को चूमता हुआ भाभी के खजाने पर यानि चूत पर आया और आते ही चूत को मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा।
मुझे मज़ा भाभी की सिसकारियों से आ रहा था।
भाभी मेरा लिंग सहला रही थी, मैं लेट गया और भाभी को ऊपर आने को कहा, मैंने भाभी के चूतड़ अपनी तरफ किये और चूमे, साथ ही दबा भी रहा था।
भाभी मेरा लिंग हाथों से सहला रही थी, मैंने भाभी को चूमने को कहा तो भाभी ने मना कर दिया।
मैं तो भाभी के चूतड़ों को खूब चाट रहा था पागलों की तरह…
फिर मैंने भाभी को फ़ोन से सेक्सी मूवी दिखाई, उसमें लड़की पहले आदमी के मुँह पर अपने चूतड़ों को रखती है, फिर उसका लिंग चूमती है।
भाभी को अच्छा लगा और भाभी भी ऐसे ही करने लगी, भाभी ने अपनी जीभ से मेरे गोलों को सहलाया, फिर धीरे धीरे लिंग को चूसने लगी।
हम बहुत मज़ा ले रहे थे, ऐसे करते हुए काफी टाइम हो गया, फिर भाभी की चूत में आग लगी ही थी तो मैंने भाभी को लेटा कर उनकी चूत में लिंग डाल दिया और जोर जोर से चोदने लगा।
बहुत देर तक चुदाई के बाद मेरा लिंग पिचकारी पर पिचकारी मारने लगा, भाभी ने मुझे जकड़ लिया, बहुत मज़ा आया, हम पसीने से भीग गए।
मैं भाभी से चिपक गया और भाभी को चूमने लगा- भाभी, आप बहुत मस्त हो… हाय आपका देवर आपका दीवाना हो गया…
टाइम बहुत हो चुका था तो मैंने भाभी को एक बार फिर से चूम लिया।
मॉम के उठने का टाइम हो गया था तो मैं बाहर आ गया।
फिर तो जब भी अवसर मिलता, भाभी की चुदाई हो जाती थी, भाभी मुझे अपना पति ही मानती थी, मुझे बहुत अच्छा लगता!
तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी… कैसी लगी आपको?
मुझे बताना !

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